नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Anthropic ने अपने उन्नत AI मॉडल Fable 5 और Mythos 5 को लगभग तीन सप्ताह बाद फिर से सक्रिय कर दिया है। अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंध हटने के बाद कंपनी ने वैश्विक स्तर पर Fable 5 की सेवाएं बहाल कर दी हैं। साथ ही कंपनी का दावा है कि नए सुरक्षा उपायों के जरिए इन मॉडलों के दुरुपयोग की आशंका को काफी हद तक कम किया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण लगाया गया था प्रतिबंध
12 जून को अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए Anthropic के इन दोनों नए AI मॉडलों पर निर्यात नियंत्रण लागू कर दिया था। उस समय कंपनी के पास ऐसा कोई विश्वसनीय सिस्टम नहीं था, जिससे वह वास्तविक समय में उपयोगकर्ताओं की राष्ट्रीयता की पुष्टि कर सके। इसी वजह से कंपनी को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए इन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था।
अब प्रतिबंध हटने के बाद Fable 5 को दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा दिया गया है, जबकि Mythos 5 फिलहाल केवल अमेरिकी सरकार की अनुमति प्राप्त चुनिंदा संस्थानों के लिए ही उपलब्ध होगा।
सुरक्षा फीचर को बनाया और मजबूत
Anthropic के अनुसार, एक रिपोर्ट में सामने आया था कि Fable 5 को इस तरह निर्देश दिए जा सकते थे जिससे वह सॉफ्टवेयर की कमजोरियों की पहचान करने और संभावित साइबर हमलों से जुड़ा कोड तैयार करने में मदद कर सकता था।
इसके बाद कंपनी ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर नया सुरक्षा तंत्र विकसित किया। कंपनी का दावा है कि यह नया सिस्टम ऐसे 99 प्रतिशत से अधिक संदिग्ध अनुरोधों को पहचानकर रोक सकता है।
यदि किसी उपयोगकर्ता का अनुरोध सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसे स्वतः ही कंपनी के दूसरे AI मॉडल Claude Opus 4.8 पर भेज दिया जाएगा, ताकि सामान्य प्रोग्रामिंग और कोडिंग कार्य प्रभावित न हों।
सामान्य उपयोगकर्ताओं को हो सकती है थोड़ी असुविधा
कंपनी ने स्वीकार किया है कि कड़े सुरक्षा मानकों के कारण कुछ वैध अनुरोध भी गलती से ब्लॉक हो सकते हैं। हालांकि उसका कहना है कि AI तकनीक के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा परत आवश्यक है।
AI सुरक्षा के लिए बनेगा साझा मानक
Anthropic ने यह भी घोषणा की है कि वह Amazon, Microsoft, Google और अन्य तकनीकी साझेदारों के साथ मिलकर AI सुरक्षा से जुड़े साझा मानक विकसित करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य AI मॉडलों में सुरक्षा खामियों (जेलब्रेक) का आकलन करना और उनके समाधान के लिए उद्योग स्तर पर समान दिशा-निर्देश तैयार करना है।
सरकार के साथ बढ़ेगा सहयोग
कंपनी ने अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग और मजबूत करने की भी घोषणा की है। इसके तहत नए AI मॉडल जारी होने से पहले सरकारी विशेषज्ञों को परीक्षण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही संभावित सुरक्षा जोखिमों, दुरुपयोग के मामलों और AI सुरक्षा अनुसंधान से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच सरकारों और टेक कंपनियों के बीच इस तरह का सहयोग भविष्य में सुरक्षित और जिम्मेदार AI विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




