मुंबई, 13 अक्टूबर। सीआरआईएफ-एसआईडीबीआई स्मॉल बिजनेस स्पॉटलाइट रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक भारत के छोटे व्यवसायों का क्रेडिट पोर्टफोलियो ₹50.9 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें साल-दर-साल 14.9 प्रतिशत और पिछली तिमाही की तुलना में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट सीआरआईएफ क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (CRIF Credit Information Services Private Limited) और स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) द्वारा जारी की गई।
रिपोर्ट में जून 2026 की स्थिति के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसमें उन छोटे व्यवसायों को शामिल किया गया है जिनकी कुल क्रेडिट एक्सपोजर ₹5 करोड़ तक है, चाहे वे कमर्शियल क्रेडिट ब्यूरो रिकॉर्ड में दर्ज उद्यम हों या वे एकल स्वामित्व वाले व्यवसायी, जिन्होंने अपने नाम पर व्यापारिक ऋण लिया है।
एकल स्वामित्व वाले व्यवसायों की अगुवाई में वृद्धि
क्रेडिट ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान एकल स्वामित्व वाले व्यवसायों का रहा। इस श्रेणी का पोर्टफोलियो साल-दर-साल 19.3 प्रतिशत बढ़ा और सक्रिय ऋणों की संख्या में 27.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह प्रवृत्ति छोटे व्यवसाय मालिकों के बीच औपचारिक क्रेडिट की पहुंच बढ़ने की ओर संकेत करती है।
इस क्षेत्र में एसेट क्वालिटी स्थिर रही। 91–180 दिन तक बकाया ऋण (PAR 91–180) का अनुपात जून 2026 में घटकर 1.2 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 1.5 प्रतिशत था।
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का दबदबा कायम
मैन्युफैक्चरिंग उद्यमों का छोटे व्यवसाय क्रेडिट पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जो कुल बकाया का 41.92 प्रतिशत है। पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। जून 2024 में जहां 66.4 प्रतिशत एक्सपोजर वेरी लो रिस्क और लो रिस्क श्रेणी में था, वहीं जून 2026 में यह बढ़कर 70.9 प्रतिशत हो गया। एकल स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए यह अनुपात 55.1 प्रतिशत से बढ़कर 56.1 प्रतिशत हो गया।
शीर्ष शहरों से आगे बढ़ा क्रेडिट
रिपोर्ट के अनुसार, छोटे व्यवसायों को मिलने वाला क्रेडिट अब देश के शीर्ष 100 शहरों से आगे भी तेजी से पहुंच रहा है। शीर्ष 100 शहरों के बाहर बकाया क्रेडिट का हिस्सा जून 2026 में बढ़कर 37.2 प्रतिशत हो गया। इन क्षेत्रों में एकल स्वामित्व वाले व्यवसायों को दिए गए ऋण में साल-दर-साल 24.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
राष्ट्रीय औसत से आगे निकला राजस्थान
राजस्थान का छोटे व्यवसायों का क्रेडिट पोर्टफोलियो ₹3.4 लाख करोड़ रहा, जो राष्ट्रीय कुल का 6.8 प्रतिशत है और इसमें साल-दर-साल 16.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राज्य का पोर्टफोलियो स्वस्थ रहा, जिसमें PAR 91–180 केवल 0.9 प्रतिशत रहा। राजस्थान के उद्यमों का बकाया ऋण राष्ट्रीय औसत 70.9 प्रतिशत की तुलना में 77.3 प्रतिशत लो रिस्क श्रेणी में रहा।
राजस्थान में सीकर और नागौर जिलों ने क्रमशः 23.6 प्रतिशत और 21.4 प्रतिशत की साल-दर-साल पोर्टफोलियो वृद्धि दर्ज की, जिससे नए विकास केंद्रों का उभार दिखा। राज्य के उद्यम पोर्टफोलियो में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा 45.4 प्रतिशत रहा, जबकि सर्विस सेक्टर ने 15.6 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि के साथ सबसे तेज गति दिखाई।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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