मुंबई, 14 अक्टूबर। भारत के होटल निवेश बाजार में 2026 की पहली छमाही के दौरान लेनदेन वॉल्यूम में 197 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। जेएलएल (JLL) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में 11 सौदों के जरिए कुल 497 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ। पूरे वर्ष के लिए लेनदेन वॉल्यूम 1.1 अरब डॉलर पार करने का अनुमान है, जो 2025 के 567 मिलियन डॉलर की तुलना में 94 प्रतिशत अधिक है।
इस तेजी का मुख्य कारण निवेशकों की प्रोफाइल में बदलाव है। 2026 की पहली छमाही में रियल एस्टेट डेवलपर्स ने कुल लेनदेन वॉल्यूम का 58 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया, जबकि पिछले वर्ष हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs), फैमिली ऑफिस और प्राइवेट होटल मालिकों की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत थी। सूचीबद्ध होटल कंपनियों की हिस्सेदारी 31.1 प्रतिशत रही, जबकि HNIs, फैमिली ऑफिस और प्राइवेट होटल मालिकों की हिस्सेदारी 8.2 प्रतिशत रही।
टियर II और III शहरों में निवेश बढ़ा
2026 की पहली छमाही में टियर II और III शहरों ने कुल निवेश वॉल्यूम का 60 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया, जिससे पारंपरिक महानगरों के मुकाबले निवेश का झुकाव छोटे शहरों की ओर दिखा। इस दौरान केरल और कूर्ग के लग्जरी रिसॉर्ट्स, आगरा, मसूरी और नोएडा के लग्जरी होटल, तथा उदयपुर और जयपुर के अपर-अपस्केल प्रॉपर्टीज में उल्लेखनीय सौदे हुए। दूसरी छमाही में भी यह रुझान जारी रहा, जिसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु और पुणे में अधिग्रहण हुए। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 420 एकड़ और गोवा में 15 एकड़ जमीन के सौदे हुए, जिनकी कुल कीमत लगभग 313 मिलियन डॉलर रही।
डिस्ट्रेस्ड एसेट्स और आईबीसी लेनदेन
इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत डिस्ट्रेस्ड एसेट्स से जुड़े सौदों से 288 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ, जो 2026 की पहली छमाही के कुल लेनदेन वॉल्यूम का 58 प्रतिशत है। सभी सेगमेंट के ऑपरेशनल होटलों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत रही, जबकि निर्माणाधीन या गैर-ऑपरेशनल होटलों की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत और जमीन लीज का शेष रहा। लग्जरी सेगमेंट ने कुल वॉल्यूम का 51 प्रतिशत, अपस्केल ने 35 प्रतिशत, अपर-अपस्केल ने 12 प्रतिशत और इकॉनमी ने 2 प्रतिशत योगदान दिया।
ब्रांडेड होटल साइनिंग और उद्घाटन
जून 2026 तक ब्रांडेड होटल साइनिंग 29,360 कीज तक पहुंच गई, जिसमें 74 प्रतिशत टियर II और III शहरों में केंद्रित रही। कुल कीज में 77 प्रतिशत मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स, 22 प्रतिशत फ्रेंचाइजी और 1 प्रतिशत लीज/रेवेन्यू शेयर एग्रीमेंट्स के तहत साइन हुईं। ग्रीनफील्ड डिवेलपमेंट से 13,689 कीज जुड़े। 2026 की पहली छमाही में 250 से अधिक कीज वाले 15 बड़े होटल साइन हुए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 5 थी। ब्रांडेड होटल उद्घाटन की संख्या 5,048 कीज रही, जिनमें 71 प्रतिशत टियर II और III शहरों में थे। अपस्केल सेगमेंट ने 45 प्रतिशत, मिडस्केल ने 28 प्रतिशत, इकॉनमी ने 14 प्रतिशत, अपर-अपस्केल ने 8 प्रतिशत और लग्जरी ने 5 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की।
आउटलुक और निवेशक रुझान
जेएलएल ने अनुमान जताया है कि स्थापित बिजनेस और लीजर डेस्टिनेशनों में उच्च गुणवत्ता वाले ब्रांडेड एसेट्स में निवेशकों की रुचि बनी रहेगी। 2026 की पहली छमाही में प्लेटफॉर्म-स्तरीय निवेश में संस्थागत पूंजी लगभग 445 मिलियन डॉलर पहुंच गई। गौरव शर्मा, प्रबंध निदेशक होटल्स, इंडिया और सीनियर डायरेक्टर होटल्स कैपिटल मार्केट्स, एशिया, जेएलएल ने कहा कि बाजार में बुनियादी बदलाव हो रहे हैं, जिसमें रियल एस्टेट डेवलपर्स अब प्रमुख निवेशक बन गए हैं और टियर II और III शहरों में पूंजी का प्रवाह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संस्थागत-ग्रेड एसेट्स की सीमित उपलब्धता और मजबूत ऑपरेशनल फंडामेंटल्स के चलते प्रतिस्पर्धी बोली और एसेट वैल्यूएशन को समर्थन मिलता रहेगा।
2026 में 1 अमेरिकी डॉलर ₹95 के बराबर था। जेएलएल के लेनदेन वॉल्यूम आंकड़ों में रणनीतिक साझेदारियां, मिक्स्ड-यूज पोर्टफोलियो लेनदेन में गैर-हॉस्पिटैलिटी एसेट्स और सरकारी साइट नीलामी शामिल नहीं हैं, जिनमें वार्षिक लीज भुगतान होता है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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