हैदराबाद, 17 अक्टूबर। फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) ने शनिवार को फेडरेशन हाउस, हैदराबाद में तेलंगाना साउदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (टीजीएसपीडीसीएल) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक जितेश वी. पाटिल, आईएएस के साथ छठी मासिक स्टेकहोल्डर्स बैठक आयोजित की। इस बैठक में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता, टैरिफ राहत और सौर ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस सत्र में 45 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें टीजीएसपीडीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी, एफटीसीसीआई पदाधिकारी, ऊर्जा समिति सदस्य, केपीएमजी कंसल्टेंट्स, औद्योगिक संघ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्य विषयों में शाम के पीक ऑवर में बिजली कटौती, विलंबित भुगतान अधिभार में कमी, सौर नेट मीटरिंग और उद्योग से जुड़ी शिकायतों का समाधान शामिल रहा।
उद्योग की मांगें और टीजीएसपीडीसीएल की प्रतिक्रिया
प्रोसेस इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने बिजली कटौती के कारण उत्पादन में हो रहे नुकसान पर चिंता जताई और शेड्यूल्ड पावर कट की पूर्व सूचना देने की मांग की। टीजीएसपीडीसीएल ने उद्योगों को संचालन की योजना बनाने में मदद के लिए एडवांस एसएमएस और ईमेल अलर्ट भेजने पर विचार करने की सहमति दी। एफटीसीसीआई ने दो घंटे के फ्यूल सरचार्ज की वसूली अवधि 29 से बढ़ाकर 48 माह करने, विलंबित भुगतान अधिभार को 18 प्रतिशत कंपाउंडिंग से घटाकर 12 प्रतिशत करने और ओपन एक्सेस पर अतिरिक्त अधिभार को छह माह के लिए माफ करने की मांग की।
बैठक में लेगेसी सरचार्ज बकाया के लिए प्रस्तावित वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम की भी समीक्षा की गई, जिसकी वित्तीय समीक्षा चल रही है और 30 नवंबर 2026 तक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ईआरसी) में फाइलिंग की जाएगी, जिसमें केपीएमजी सहयोग करेगा।
एचटी उपभोक्ताओं के लिए परिचालन सुधार
टीजीएसपीडीसीएल ने हाई-टेंशन (एचटी) औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए समर्पित ऑपरेशंस सर्विस मैनेजर और की अकाउंट मैनेजर नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया, ताकि बिजली आपूर्ति, परिचालन और बिलिंग से जुड़े मुद्दों का समाधान हो सके। जितेश वी. पाटिल ने एक सप्ताह के भीतर औपचारिक सर्कुलर जारी करने और उसके बाद एफटीसीसीआई के साथ ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने पर सहमति जताई। उद्योगों को संबंधित शिकायतों के लिए ग्राहक सेवा ईमेल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सौर ऊर्जा और अधोसंरचना पहल
बैठक में रूफटॉप सौर नेट मीटरिंग स्वीकृति में देरी, बिहाइंड-द-मीटर सौर इंस्टॉलेशन, नेट बिलिंग और सौर जनरेटर आपूर्ति के लिए टाइम-ऑफ-डे चार्जेस पर चर्चा हुई। एफटीसीसीआई दो से तीन दस्तावेजीकृत मामलों को प्रस्तुत करेगा, ताकि टीजीएसपीडीसीएल नेट मीटरिंग स्वीकृति में आ रही बाधाओं की पहचान कर सके। प्रबंध निदेशक ने टाइम-ऑफ-डे चार्जेस के कार्यान्वयन की समयसीमा की समीक्षा करने पर सहमति जताई। टीजीएसपीडीसीएल ओपन एक्सेस एनओसी टेस्टिंग में पारदर्शिता के लिए चार से पांच पावर क्वालिटी मीटर खरीद रहा है।
बैठक में गेटेड कम्युनिटी के लिए सौर और बैटरी स्टोरेज समाधान के जरिए सामान्य सुविधाओं की बिजली लागत कम करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए गेटेड कम्युनिटी संघों, सौर और बैटरी समाधान प्रदाताओं, एफटीसीसीआई और अन्य स्टेकहोल्डर्स की भागीदारी से एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें केपीएमजी सहयोग करेगा।
अन्य मुद्दे और आगे की कार्रवाई
अन्य विषयों में वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, ट्रांसफार्मर ओवरलोड, पेड़ों की कटाई से संबंधित बिजली कटौती, एचटी वर्गीकरण फ्लैग हटाना, सहायक खपत रूपांतरण और अधिक बिजली बिल शामिल रहे। टीजीएसपीडीसीएल ने लंबित शिकायतों पर कार्रवाई, अधोसंरचना सुधार की समीक्षा और बिलिंग की सटीकता जांचने के लिए थर्ड पार्टी ऊर्जा ऑडिट पर विचार करने की सहमति दी। फीडर और ट्रांसफार्मर अपग्रेड का कार्य 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
जितेश वी. पाटिल ने उद्योग प्रतिनिधियों को टीजीएसपीडीसीएल की ओर से शिकायतों के समाधान और सेवा सुधार में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में एफटीसीसीआई अध्यक्ष के. के. माहेश्वरी, उपाध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल, ऊर्जा समिति अध्यक्ष सुशील कुमार संचेती, टीजीएसपीडीसीएल निदेशक (वाणिज्य) चक्रपाणि और निदेशक (वित्त) कृष्णा रेड्डी भी उपस्थित रहे।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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