नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। टीसीजी (The Chatterjee Group) की एआई-केंद्रित सहायक कंपनी कॉर्टेक्स डीसी (Cortex DC) ने भारत में 2 गीगावाट एआई-रेडी डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य एआई और क्लाउड को अपनाने से बढ़ती हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की मांग को पूरा करना है। कॉर्टेक्स डीसी की पहली सुविधा के 18 महीनों के भीतर चालू होने की उम्मीद है और इसमें 51 प्रतिशत ऊर्जा ग्रीन एनर्जी से प्राप्त की जाएगी।
यह पहल टीसीजी की डाटा सेंटर क्षेत्र में पहली एंट्री है। कॉर्टेक्स डीसी हाइपरस्केलर्स, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स और एडवांस्ड एआई वर्कलोड्स को सेवाएं देने के लिए तैयार है। प्लेटफॉर्म को कई महीनों की तैयारी के बाद विकसित किया गया है, जिसमें साइट, पावर और पार्टनर वर्कस्ट्रीम्स पर ध्यान दिया गया है। इसका फोकस गति, विस्तार और सतत ऊर्जा पर है।
ऑपरेशनल टाइमलाइन और ऊर्जा स्रोत
कॉर्टेक्स डीसी ने तेज विकास शेड्यूल का लक्ष्य रखा है और पहली डाटा सेंटर सुविधा को ग्राउंडब्रेकिंग के 18 महीनों के भीतर चालू करने की योजना है। कंपनी की इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के तहत 51 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से ली जाएगी।
कंपनी ने इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में अनुभवी नेतृत्व टीम बनाई है। कॉर्टेक्स डीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल शर्मा को 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे भारत में गीगावाट-स्केल डाटा सेंटर प्रोजेक्ट्स से जुड़े रहे हैं।
नेतृत्व और बोर्ड संरचना
कॉर्टेक्स डीसी के सुपरवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन विनायक पाई हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर 30 वर्षों से अधिक का इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट निष्पादन का अनुभव है। बोर्ड में टीसीजी के वरिष्ठ नेता समिक मुखर्जी, जेरमी घोष, देबु भट्टाचार्य और सुजॉय चौधुरी शामिल हैं, जिनके पास ऊर्जा, वित्त, रणनीति, टेक्नोलॉजी और औद्योगिक विकास का अनुभव है।
टीसीजी के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. पूर्णेंदु चटर्जी ने कहा कि यह पहल टीसीजी की वैल्यू क्रिएशन की फिलॉसफी को डिजिटल बैकबोन तक ले जाती है, जिसे वह “इंटेलिजेंस एज” कहते हैं। “हम इसे गति, विस्तार और जिम्मेदार ऊर्जा के साथ बना रहे हैं, इस विश्वास के साथ कि भारत का आर्थिक विकास उसी इंफ्रास्ट्रक्चर से आकार लेगा, जो आज तैयार किया जा रहा है,” चटर्जी ने कहा।
बाजार की महत्वाकांक्षाएं और आर्थिक प्रभाव
कॉर्टेक्स डीसी के सीईओ राहुल शर्मा ने कहा, “कॉर्टेक्स डीसी भारत में ग्लोबल स्तर के लिए तैयार की जा रही है, जो स्थानीय और वैश्विक दोनों ग्राहकों को सेवाएं देगी। हमारा लक्ष्य है कि हम विश्वस्तरीय, एआई-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करें, जिससे भारत दुनिया के सबसे डिमांडिंग कंप्यूट वर्कलोड्स के लिए प्रमुख गंतव्य बन सके।”
बोर्ड चेयर विनायक पाई ने कहा कि कॉर्टेक्स डीसी का उद्देश्य इंजीनियरिंग और गवर्नेंस के वैश्विक मानकों को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारशिला बनने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर में लाना और अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी लीडर्स को आकर्षित करना है।
डाटा सेंटर विकास के अलावा, कॉर्टेक्स डीसी के प्रोजेक्ट्स से निर्माण, इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन, सुविधा संचालन और संबद्ध सेवाओं में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कंपनी अपने निवेश को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को समर्थन देने वाले व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम का हिस्सा मानती है, जिससे वैश्विक टेक्नोलॉजी निवेश आकर्षित होगा।
कॉर्टेक्स डीसी और टीसीजी के बारे में
कॉर्टेक्स डीसी, टीसीजी एंटरप्राइज का हिस्सा है, जो एआई, क्लाउड और एंटरप्राइज वर्कलोड्स के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित है। द चैटर्जी ग्रुप की स्थापना 1989 में हुई थी और इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। समूह ने पेट्रोकेमिकल्स, लाइफ साइंसेज, टेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में $4 बिलियन से अधिक पूंजी निवेश की है, और इसका वैश्विक पोर्टफोलियो उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया में फैला है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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