नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। पूर्व Google DeepMind और Meta FAIR शोधकर्ताओं द्वारा स्थापित एआई रिसर्च लैब Chariot, जो IndiaAI Mission के तहत चयनित पहली चार टीमों में शामिल है, ने Chariot-1-ASR Realtime नामक स्पीच रिकग्निशन मॉडल लॉन्च किया है। इस मॉडल ने 10 सबसे अधिक बोली जाने वाली भारतीय भाषाओं में Google और ElevenLabs सहित वैश्विक प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया है।
Chariot-1-ASR Realtime, Chariot-1 फाउंडेशन मॉडल पर आधारित एक लाइव ट्रांसक्रिप्शन सिस्टम है, जिसने 79 सार्वजनिक टेस्ट सेट्स पर Sarvam के बैच सिस्टम Saaras v4 की तुलना में 9 प्रतिशत कम त्रुटियां और Google के Gemini 3.5 Transcribe की तुलना में 26 प्रतिशत कम त्रुटियां दर्ज कीं। इस मॉडल ने Sarvam, ElevenLabs, Deepgram और अन्य के रियल-टाइम सर्विसेज की तुलना में सभी 10 भाषाओं में सबसे कम त्रुटि दर हासिल की। हिंदी में, इसने अगले सर्वश्रेष्ठ सिस्टम की तुलना में 23 प्रतिशत कम त्रुटियां कीं।
भारतीय भाषाई बेंचमार्क पर प्रदर्शन
यह मॉडल कई वास्तविक ऑडियो बेंचमार्क्स पर अग्रणी रहा, जैसे Monsoon बेंचमार्क (वास्तविक हिंदी और इंडियन-इंग्लिश फोन कॉल्स), Vaani बेंचमार्क (भारत के जिलों से हिंदी उच्चारण) और Kathbath-Hard बेंचमार्क (शोरयुक्त रिकॉर्डिंग्स)। Chariot-1-ASR Realtime क्षेत्रीय उच्चारण और कोड मिक्सिंग को बिना भाषा की पूर्व पहचान के संभाल सकता है, और हिंदी के लिए अंग्रेज़ी शब्दों को लैटिन व देवनागरी दोनों लिपियों में ट्रांसक्राइब कर सकता है।
व्यापार व सेक्टरों के लिए उपयोग
कंपनी के अनुसार, यह मॉडल बैंकों, बीमा कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों, कॉन्टैक्ट सेंटर्स और सार्वजनिक हेल्पलाइनों को एक ही सिस्टम के जरिए 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं में ग्राहकों की सेवा करने में सक्षम बनाता है। यह मॉडल रियल-टाइम वॉयस एजेंट्स को सपोर्ट करता है और अनुपालन व एनालिटिक्स टीमों के लिए ट्रांसक्रिप्ट भी प्रदान करता है।
स्पीच एआई के लिए एकीकृत दृष्टिकोण
Chariot का दृष्टिकोण स्पीच अंडरस्टैंडिंग और जेनरेशन को आपस में जुड़ी क्षमताओं के रूप में देखता है, जिससे वॉयस डिटेक्शन, लैंग्वेज आइडेंटिफिकेशन, ट्रांसक्रिप्शन और स्पीच जेनरेशन जैसे कार्य एक ही मॉडल में एकीकृत किए जा सकें। Chariot-1-ASR Realtime, Chariot-1 परिवार का पहला स्पीच रिकग्निशन रिलीज है और भविष्य में इसके तहत और भी विकास की उम्मीद है।
Chariot के सह-संस्थापकों के बयान
Chariot के सह-संस्थापक पार्थ सारथि ने कहा कि नया मॉडल भारतीय भाषाओं के स्पीच रिकग्निशन में गति और सटीकता के बीच समझौते को समाप्त करता है और हर भाषा में सबसे मजबूत सिस्टम्स को भी पीछे छोड़ता है, जिनमें वे बैच सिस्टम्स भी शामिल हैं जो पूरी रिकॉर्डिंग प्रोसेस करने के बाद ट्रांसक्राइब करते हैं।
Chariot के सह-संस्थापक सुव्रत भूषण ने कहा कि मॉडल की एकीकृत फाउंडेशन इसे भारतीय भाषाओं, कोड-मिक्सिंग और उच्चारणों की बारीकियां सीखने में सक्षम बनाती है, जिससे विभिन्न स्पीच कार्यों में प्रदर्शन में वृद्धि होती है।
Chariot-1-ASR Realtime कंपनी के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जहां इसकी टेक्स्ट-टू-स्पीच सुविधा भी मौजूद है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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