हैदराबाद, 22 अक्टूबर। इंडस इंटरनेशनल स्कूल, हैदराबाद के ग्रेड 12 आईबी छात्र आगम जैन ने SummitSathi नामक एक कम लागत वाला सैटेलाइट वेदर रिसीवर विकसित किया है, जो बिना इंटरनेट या मोबाइल कनेक्टिविटी के मौसम सैटेलाइट से क्लाउड इमेज हिमालयी दूरस्थ गांवों तक पहुंचाता है।
यह डिवाइस वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सिराज घाटी के 10 गांवों में तीन स्थानीय ऑपरेटरों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिससे 1,000 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हो रहे हैं। प्रोजेक्ट टीम के अनुसार, SummitSathi का उद्देश्य मानसून के दौरान संचार बाधित होने पर स्थानीय मौसम की जानकारी देना है, जिससे जीवन बचाने में सहायता मिल सकती है।
डिवाइस की विशेषताएं और पेटेंट मान्यता
हर SummitSathi रिसीवर को आसानी से उपलब्ध पुर्जों से लगभग ₹68,000 की लागत में बनाया गया है। यह सिस्टम क्लाउडबर्स्ट की भविष्यवाणी या आधिकारिक मौसम चेतावनियों का विकल्प नहीं है, बल्कि स्थानीय मौसम डेटा का एक अतिरिक्त स्रोत है। आगम जैन को इस नवाचार के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय से पेटेंट प्राप्त हुआ है और उन्होंने एकमात्र आविष्कारक के रूप में भारतीय पेटेंट आवेदन भी दायर किया है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुति
आगम जैन SummitSathi को 19 से 21 अक्टूबर तक आयोजित ECRS 2026, एक अंतरराष्ट्रीय रिमोट-सेंसिंग सम्मेलन में प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञान जागरूकता और शोध कार्य
SummitSathi के अलावा, जैन ने स्वतंत्र रूप से खगोल विज्ञान अनुसंधान किया है, जिसमें उन्होंने स्वयं विकसित सॉफ्टवेयर से लगभग 595 संदिग्ध एक्सोप्लैनेट्स का अध्ययन किया और हैदराबाद के 25 स्थानों पर 24 महीनों तक रात के आकाश की चमक दर्ज कर शहरी लाइट पॉल्यूशन पर डाटा सेट बनाया। उन्होंने अपनी स्वयं प्रकाशित एस्ट्रोफोटोग्राफी पुस्तक “A Window to the Universe” 350 से अधिक छात्रों को वितरित की है और खगोल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए Summit Stargazer पहल का नेतृत्व किया है।
अन्य उपलब्धियां
वैज्ञानिक कार्यों के अलावा, जैन अपने स्कूल की लगभग 170 छात्रों की एथलेटिक्स टीम के कप्तान हैं और राष्ट्रीय स्तर पर स्प्रिंटिंग और हैमर थ्रो में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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