नई दिल्ली, 30 अक्टूबर। भारत में 2026 के त्योहारों के सीजन के दौरान इनवॉइस फाइनेंसिंग का वॉल्यूम ₹20,000 करोड़ के पार पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी एम1एक्सचेंज (M1xchange) की लेटेस्ट फेस्टिव इनसाइट्स रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एमएसएमई सेक्टर ने औपचारिक क्रेडिट की ओर तेजी से रुख किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सप्लाई चेन इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसमें माइक्रो-एमएसएमई सबसे तेजी से औपचारिक इनवॉइस डिस्काउंटिंग अपनाने वाले बनकर उभरे हैं। माइक्रो सेगमेंट के लिए फाइनेंसिंग पिछले साल की तुलना में दोगुनी से अधिक रही और 2025 के त्योहारों के दौरान यह करीब ₹3,000 करोड़ तक पहुंच गई।
त्योहारों में रोजाना फाइनेंसिंग में तेज उछाल
त्योहारों के दौरान रोजाना औसत फाइनेंसिंग में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। एम1एक्सचेंज ने अनुमान लगाया है कि 2026 में कुल फेस्टिव सीजन फाइनेंसिंग करीब 30 प्रतिशत बढ़ सकती है। 28 अक्टूबर 2026 तक, चालू फेस्टिव सीजन के दौरान थ्रूपुट पिछले साल के पूरे फेस्टिव वॉल्यूम को पार कर चुका है, जबकि कई दिन की पीक एक्टिविटी अभी बाकी है।
माइक्रो-एमएसएमई में औपचारिक क्रेडिट की बढ़ती स्वीकार्यता
एम1एक्सचेंज के संस्थापक और प्रमोटर सुंदीप मोहिन्द्रू ने कहा कि माइक्रो-एमएसएमई फाइनेंसिंग में 100 प्रतिशत की वृद्धि औपचारिक क्रेडिट के लोकतंत्रीकरण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि टीआरईडीएस (TReDS) प्लेटफॉर्म माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज को बिना भुगतान वाले इनवॉइस को वर्किंग कैपिटल में बदलने का अवसर दे रहे हैं, जिससे वे अपने संचालन का विस्तार कर सकते हैं और उच्च मांग के समय राष्ट्रीय सप्लाई चेन में शामिल हो सकते हैं।
सेक्टरवार रुझान और नए सेगमेंट
फेस्टिव इनसाइट्स रिपोर्ट में 2023 से 2025 के बीच सेक्टरवार इनवॉइसिंग ट्रेंड्स का विश्लेषण किया गया है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में प्री-फेस्टिव पीरियड की तुलना में औसतन 28 प्रतिशत की वृद्धि रही, केमिकल्स में 27 प्रतिशत, एफएमसीजी में 20 प्रतिशत और मेटल्स एवं माइनिंग में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ई-रिटेल और ई-कॉमर्स सेक्टर में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि देखी गई, जबकि पेंट्स सेक्टर में भी तेज उछाल आया, हालांकि इसका आधार छोटा रहा।
एम1एक्सचेंज भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) प्लेटफॉर्म है, जो भारत में संचालित होता है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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