हैदराबाद, 31 अक्टूबर। रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स (Rotary Club of Hyderabad Mavericks) ने अपनी वर्षभर चली पीईपी-अप मेंटल वेल-बीइंग पहल का समापन किया है। यह ₹33 लाख की परियोजना थी, जिसमें हैदराबाद के आठ सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों में 3,207 छात्रों तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र पहुंचे और 2,686 छात्रों की स्क्रीनिंग की गई।
इस पहल को तेलंगाना में अपनी तरह का सबसे बड़ा और सबसे लंबा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बताया गया है, जिसमें 13 से 21 वर्ष की आयु के छात्रों को लक्षित किया गया। समापन समारोह शनिवार को जी. नारायणम्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, शैकपेट, हैदराबाद में आयोजित हुआ।
माइंडपॉट ऐप और टूलकिट की शुरुआत
रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर उदय पिलानी, जो मुख्य अतिथि थे, और विशिष्ट अतिथि रशीदा अडेनवाला, उद्यमिता नेतृत्व आइकन और महिला सशक्तिकरण की पैरोकार, ने छात्रों के लिए माइंडपॉट नामक मानसिक स्वास्थ्य ऐप और वेल-बीइंग टूलकिट का अनावरण किया। यह टूलकिट छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सहयोग देने वाला व्यावहारिक हैंडबुक है। कार्यक्रम में परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें रोटेरियन, शिक्षक और काउंसलर शामिल हुए।
पिलानी ने बचपन में मानसिक स्वास्थ्य के पोषण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आत्मिक शांति मानसिक स्वास्थ्य की नींव है। उन्होंने बताया कि कई वयस्कों की भावनात्मक चुनौतियों की जड़ें प्रारंभिक अनुभवों में होती हैं और आध्यात्मिक नेताओं की भूमिका को भी रेखांकित किया। रशीदा अडेनवाला ने छात्रों पर शैक्षणिक प्रदर्शन, साथियों से तुलना, सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम के दबावों का उल्लेख किया और जीवनशैली के प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की बात कही।
स्क्रीनिंग और जागरूकता के परिणाम
परियोजना की इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, 3,207 छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्रों में भाग लिया, जबकि 2,686 छात्रों की लेवल 1 स्क्रीनिंग हुई। इनमें से 2,112 छात्रों को ‘ग्रीन’ और 574 को ‘ऑरेंज’ या ‘रेड’ श्रेणी में रखा गया, जिससे आगे ध्यान और मूल्यांकन की आवश्यकता दर्शाई गई। ये श्रेणियां उन छात्रों की पहचान के लिए थीं जिन्हें अतिरिक्त सहायता की जरूरत थी, हालांकि ये क्लीनिकल डायग्नोसिस नहीं थीं।
कार्यक्रम ने एक संरचित प्रक्रिया अपनाई, जिसमें पहले जागरूकता सत्र, फिर स्क्रीनिंग, आगे का मूल्यांकन, काउंसलिंग और पोस्ट-स्क्रीनिंग समीक्षा शामिल थी। सत्रों में तनाव, चिंता, उदासी, आत्मविश्वास की कमी और गहरी सांस, माइंडफुलनेस, जर्नलिंग तथा भरोसेमंद वयस्कों से सहायता लेने जैसी रणनीतियों पर चर्चा हुई।
भागीदार संस्थान और सहयोगी
आठ शैक्षणिक संस्थानों ने भाग लिया: श्री सहिथि हाई स्कूल, जेपीएचएस कोठागुड़ा, न्यू ब्लूम हाई स्कूल, जेपीएचएस कोंडापुर, संस्कृति हाई स्कूल, गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज, जी. नारायणम्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस और जेपीएचएस पेड्डामंगलारम। रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स मेजबान क्लब था, जबकि रोटरी क्लब ऑफ लिवरमोर अंतरराष्ट्रीय प्रायोजक था। मनोजागृति और सुधीषा काउंसलिंग सेंटर ने कार्यान्वयन और काउंसलिंग सहयोग दिया।
रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स के अध्यक्ष अजय कुमार कांभंपति ने बताया कि यह पहल रोटरी ग्लोबल ग्रांट GG2573626 के तहत लागू की गई, जिसमें जागरूकता, स्क्रीनिंग, रोकथाम, काउंसलिंग और समय रहते हस्तक्षेप पर ध्यान दिया गया। मनोजागृति की संस्थापक-निदेशक और चाइल्ड एंड अडोलेसेंट साइकोलॉजिस्ट डॉ. गीता चला ने युवाओं की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समस्याओं की शीघ्र पहचान और सहयोगी माहौल के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।
लगातार सहयोग की अपील
पीईपी-अप परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से आगे बढ़कर स्क्रीनिंग, शीघ्र पहचान, काउंसलिंग और फॉलो-अप को एकीकृत करना था, ताकि भावनात्मक रूप से स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बन सके। परियोजना के समापन पर शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों, शिक्षकों और सामुदायिक संगठनों से छात्र मानसिक स्वास्थ्य और उनकी मजबूती के लिए मिलकर काम करने की अपील की गई।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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