मुंबई, 2 नवम्बर। यूपीएल लिमिटेड (UPL Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹2,312 करोड़ का ईबीआईटीडीए दर्ज किया है। कंपनी ने बताया कि परिचालन अनुशासन और एसजीएंडए खर्चों में कमी के चलते मार्जिन 120 बेसिस प्वाइंट बढ़ा, जिससे ऊंची इनपुट लागत का असर कम हुआ।
दूसरी तिमाही में परिचालन पीएटीएमआई (टैक्स और अल्पसंख्यक हितों के बाद का लाभ, अपवादात्मक मदों को छोड़कर) ₹422 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में ₹11 करोड़ अधिक है। यह वृद्धि उच्च ईबीआईटीडीए और अन्य आय के कारण हुई। तिमाही के अंत में नेट वर्किंग कैपिटल 145 दिन रहा, जो पिछले साल 118 दिन था, और यह $2.2 बिलियन के बराबर है। इसका मुख्य कारण इन्वेंट्री स्तर में वृद्धि है। कंपनी ने कहा कि वह वर्ष की दूसरी छमाही में इन्वेंट्री कन्वर्जन और नकद सृजन को बेहतर बनाने पर ध्यान देगी।
पहली छमाही में 4% राजस्व वृद्धि
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में यूपीएल लिमिटेड का राजस्व 4 प्रतिशत बढ़कर ₹22,041 करोड़ पहुंच गया। इसमें एडवांटा सेगमेंट में 18 प्रतिशत और सुपरफॉर्म में 21 प्रतिशत की वृद्धि रही। पहली छमाही में परिचालन पीएटीएमआई 33 प्रतिशत बढ़कर ₹441 करोड़ रहा, जिसे उच्च ईबीआईटीडीए और अन्य आय का समर्थन मिला।
मार्जिन में विस्तार और लाभप्रदता
कंपनी ने बताया कि पहली छमाही में योगदान और ईबीआईटीडीए मार्जिन क्रमशः 140 और 80 बेसिस प्वाइंट बढ़े, जिससे इस अवधि में 7 प्रतिशत और 9 प्रतिशत की पूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।
नकद सृजन पर रहेगा फोकस
यूपीएल लिमिटेड ने कहा कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में इन्वेंट्री कन्वर्जन और नकद सृजन को प्राथमिकता दी जाएगी।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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