मुंबई, 14 अक्टूबर। इमार्टिकस लर्निंग (Imarticus Learning) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तत्वावधान में ईएंडआईसीटी अकादमी, आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) के साथ मिलकर ‘फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ नामक उद्योग-केंद्रित सर्टिफिकेट प्रोग्रामों की शुरुआत की है। इनका उद्देश्य देशभर के स्नातक छात्रों को तकनीक और वित्त के उभरते क्षेत्रों के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है।
इस पहल के तहत दो प्रोग्राम—एआई इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई फॉर फाइनेंस—की शुरुआत की गई है, जिनमें नामांकन शुरू हो चुके हैं। आगे चलकर ईवी टेक्नोलॉजी और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस जैसे कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। वर्ष भर में अन्य सेक्टर-विशिष्ट पाठ्यक्रम भी जोड़े जाने की योजना है।
इन क्षेत्रों और कौशलों पर फोकस
‘फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ पोर्टफोलियो को उन क्षेत्रों के इर्द-गिर्द तैयार किया गया है, जो भारत की विकास यात्रा में अग्रणी हैं—जैसे एआई इंजीनियरिंग, एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एम्बेडेड इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, ड्रोन, एयरो-टेक, स्पेस-टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और फिनटेक। शुरुआती एआई इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम में लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs), रिट्रीवल-अगमेंटेड जनरेशन (RAG), एजेंट्स, एपीआई, कंटेनर्स, क्लाउड, जीपीयू और रिस्पॉन्सिबल एआई जैसे विषय शामिल हैं। वहीं, एआई फॉर फाइनेंस में एआई-असिस्टेड एनालिसिस, फोरकास्टिंग, क्रेडिट रिस्क, फ्रॉड डिटेक्शन और इन्वेस्टमेंट रिसर्च जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे, जिसमें कोडिंग की पूर्व जानकारी आवश्यक नहीं है।
आगामी कोर्सों में इलेक्ट्रिक व्हीकल सिस्टम—जैसे बैटरी पैक, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, थर्मल मैनेजमेंट, चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और वाहन सॉफ्टवेयर—के साथ-साथ इंडिया स्टैक, यूपीआई, डिजिटल लेंडिंग, वेल्थटेक और रेगटेक से जुड़े सिस्टम, इकोनॉमिक्स और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर भी फोकस किया जाएगा।
प्रोग्राम की संरचना और पात्रता
हर कोर्स 60 घंटे के दो महीने के लाइव लर्निंग फॉर्मेट में संचालित होगा, जिसमें संरचित मॉड्यूल, चार आईआईटी/एनआईटी फैकल्टी मास्टरक्लास और तीन गाइडेड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसमें कैपस्टोन स्तर के प्रोजेक्ट्स भी होंगे, जैसे—एआई मॉडल को वर्किंग सर्विस के रूप में डिप्लॉय करना, एआई फाइनेंस असिस्टेंट को कॉन्फिगर करना, इलेक्ट्रिक बस के लिए 40 kWh बैटरी पैक डिजाइन करना या यूपीआई ट्रांजैक्शन डैशबोर्ड बनाना। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य छात्रों को इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के लिए ठोस कार्य अनुभव देना है।
ये प्रोग्राम मुख्य रूप से बीटेक के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, ईसीई और सीएस/आईटी ब्रांच के छात्रों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन एआई फॉर फाइनेंस और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस जैसे कुछ कोर्स बीकॉम, बीबीए और अन्य कॉमर्स स्नातकों के लिए भी खुले हैं। आवश्यकताओं को पूरा करने वाले छात्रों को ईएंडआईसीटी अकादमी, आईआईटी कानपुर के तहत प्रोग्राम कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलेगा। यह सर्टिफिकेट आईआईटी की डिग्री, डिप्लोमा या एलुमनाई स्टेटस नहीं देता।
उद्योग और अकादमिक दृष्टिकोण
इमार्टिकस लर्निंग के संस्थापक एवं सीईओ निखिल बर्शिकर ने कहा, “हर नियोक्ता जिनके साथ हम काम करते हैं, वे एआई और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े ऐसे पदों के लिए भर्ती कर रहे हैं, जो आज के अंतिम वर्ष के छात्रों के ब्रांच चुनने के समय अस्तित्व में नहीं थे। महज चार साल में जॉब डिस्क्रिप्शन ही बदल गया है। ‘फ्यूचर स्किल्स फॉर भारत’ इसी अंतर को पाटने के लिए बनाया गया है।”
ईआईसीटीए – आईआईटी कानपुर के संयुक्त अकादमिक समन्वयक डॉ. एआरकेएस श्रीनिवास ने कहा, “अगला दशक उन इंजीनियरों का होगा, जो जानते हैं कि एआई असल में कैसे काम करता है, सिर्फ इसका उपयोग कैसे करना नहीं। ये प्रोग्राम मॉडल से लेकर डेटा सेंटर तक की पूरी स्टैक खोलते हैं और छात्रों को भारत की एआई महत्वाकांक्षाओं के लिए आधारभूत इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की समझ देते हैं, न कि केवल उसके ऊपर काम करने की।”
भारत-केंद्रित पाठ्यक्रम और आगे की योजनाएं
सभी प्रोग्राम भारत-केंद्रित दृष्टिकोण से डिजाइन किए गए हैं, जिनमें यूपीआई और इंडिया स्टैक, ईवी चार्जिंग और घरेलू मोबिलिटी की परिस्थितियां, तथा आरबीआई और सेबी के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क शामिल हैं। एआई इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई फॉर फाइनेंस के लिए नामांकन शुरू हो चुके हैं, जबकि ईवी टेक्नोलॉजी और फिनटेक एंड डिजिटल फाइनेंस को आगे शुरू किया जाएगा।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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