जयपुर, 22 अक्टूबर। जेएलएल (JLL) की रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर भारत के प्रमुख टियर II वाणिज्यिक रियल एस्टेट बाजारों में उभरकर सामने आया है। शहर में ऑफिस, रिटेल और वेयरहाउसिंग क्षेत्रों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्तमान में जयपुर में 9.70 मिलियन वर्ग फुट का ऑपरेशनल ऑफिस स्टॉक है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पारंपरिक मेट्रो शहरों के विकल्प के रूप में इसकी अहमियत बढ़ रही है।
जेएलएल ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के निकट रणनीतिक स्थिति, लगातार हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और प्रतिस्पर्धी परिचालन लागत के चलते आईटी/आईटीईएस, बीएफएसआई, कंसल्टिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए जयपुर आकर्षक बन गया है। ऑफिस सेक्टर इस विकास का नेतृत्व कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों की मांग मुख्य भूमिका निभा रही है।
ऑफिस सेक्टर का विस्तार और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस
जयपुर के ऑफिस बाजार में 9.70 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड ए स्टॉक उपलब्ध है, जहां किराया ₹45 से ₹95 प्रति वर्ग फुट प्रति माह है और लगभग 24 प्रतिशत रिक्तता दर है। फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेगमेंट में फिलहाल करीब 11,000 सीटें हैं, जिसमें आने वाले कुछ तिमाहियों में 3,150 सीटें और जुड़ने की संभावना है। जेएलएल का अनुमान है कि 2028 तक 3.32 मिलियन वर्ग फुट नया ऑफिस स्टॉक और जुड़ेगा, जिससे डेवलपर्स का आत्मविश्वास झलकता है।
“जयपुर उत्तर भारत के टियर-II बाजारों में हो रहे परिवर्तन का उदाहरण है। हम देख रहे हैं कि टेक्नोलॉजी कंपनियां, वित्तीय संस्थान और लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर जयपुर को मेट्रो बाजारों जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर क्वालिटी, बेहतर लागत और उत्तर भारत की बढ़ती टैलेंट बेस के कारण पसंद कर रहे हैं,” मनीष अग्रवाल, सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर, नॉर्थ एंड ईस्ट इंडिया, जेएलएल ने कहा।
मुख्य वाणिज्यिक जिले और ऑक्युपायर सेगमेंट
शहर का वाणिज्यिक रियल एस्टेट तीन प्रमुख बिजनेस जिलों में बंटा है। सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, जिसमें एमआई रोड और सी स्कीम प्रमुख हैं, वित्तीय संस्थानों, कॉरपोरेट मुख्यालयों और प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी संपत्तियों को आकर्षित करता है। सेकेंडरी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में सिविल लाइंस, अजमेर रोड, विद्याधर नगर, मालवीय नगर, टोंक रोड और जेएलएन मार्ग शामिल हैं, जहां ऑफिस और रिटेल के साथ स्टैंड-अलोन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स हैं। पेरिफेरल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, जिसमें महिंद्रा सिटी, जगतपुरा और सीतापुरा शामिल हैं, टेक्नोलॉजी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज का केंद्र है, जहां महिंद्रा एसईजेड में विप्रो और इंफोसिस जैसे एंकर टेनेंट्स हैं।
रिटेल और वेयरहाउसिंग सेक्टर में मजबूत स्थिति
जयपुर के संगठित रिटेल बाजार में लगभग 12 ऑपरेशनल प्रोजेक्ट्स में 4.9 मिलियन वर्ग फुट मॉल स्टॉक है, जिसमें रिक्तता दर लगभग 16 प्रतिशत है। प्रीमियम रिटेल स्पेस का किराया ₹100 से ₹280 प्रति वर्ग फुट प्रति माह है। 2028 तक 0.9 मिलियन वर्ग फुट मॉल स्पेस और जुड़ने की उम्मीद है।
वेयरहाउसिंग सेक्टर में 3.5 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड ए स्टॉक उपलब्ध है, जहां किराया ₹18 से ₹24 प्रति वर्ग फुट प्रति माह और रिक्तता दर लगभग 22 प्रतिशत है। 2028 तक 2.4 मिलियन वर्ग फुट अतिरिक्त वेयरहाउसिंग स्टॉक आने की संभावना है। वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तीन क्षेत्रों में फैला है: सीकर रोड–एनएच 11 और वीकेआई एरिया (₹19–₹24 प्रति वर्ग फुट प्रति माह), अजमेर रोड–एनएच-48 (₹20–₹25), और मालवीय नगर/सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया (₹22–₹25)।
सेक्टर आउटलुक और भविष्य की वृद्धि
पेरिफेरल जिलों में टेक्नोलॉजी और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज की मांग बढ़ रही है, जबकि सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में वित्तीय संस्थान और कॉरपोरेट मुख्यालय आकर्षित हो रहे हैं। ऑफिस, रिटेल और वेयरहाउसिंग में लगातार हो रही आपूर्ति के साथ, जेएलएल को उम्मीद है कि जयपुर भारत के टियर II शहरों में एक प्रमुख वाणिज्यिक रियल एस्टेट बाजार के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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