मुंबई, 9 अक्टूबर। पैंटोमैथ ग्रुप की एसेट मैनेजमेंट शाखा द वेल्थ कंपनी अल्टरनेट्स (The Wealth Company Alternates) ने अपनी प्राइवेट मार्केट पोर्टफोलियो में ₹1,000 करोड़ से अधिक की पब्लिक मार्केट एग्जिट पाइपलाइन तैयार की है। इसमें कई निवेशित कंपनियां आईपीओ (IPO) की दिशा में अग्रसर हैं।
यह कदम ग्रुप की उन रणनीतियों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य ग्रोथ स्टेज बिजनेस को समर्थन देना और उन्हें वैल्यू रियलाइजेशन के लिए पब्लिक मार्केट में लाना है। इस पाइपलाइन में मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं।
आईपीओ की ओर बढ़ती पोर्टफोलियो कंपनियां
जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड पोर्टफोलियो में सबसे बड़ा निवेश है और यह कंपनियों में से एक है जो पब्लिक मार्केट डेब्यू के करीब है। अन्य कंपनियों में एमकेसी एग्रो फ्रेश लिमिटेड, हाई-टेक फ्लो सॉल्यूशंस लिमिटेड, वर्धमान अप्लायंसेज लिमिटेड और बीगॉस ऑटो प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं, जो आईपीओ की दिशा में बढ़ रही हैं।
एमकेसी एग्रो फ्रेश लिमिटेड, वर्धमान अप्लायंसेज लिमिटेड और हाई-टेक फ्लो सॉल्यूशंस लिमिटेड—ये सभी द वेल्थ कंपनी अल्टरनेट्स के पहले फंड इंडिया इन्फ्लेक्शन ऑपर्च्युनिटी फंड का हिस्सा हैं—ने अपने ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट दायर कर दिए हैं। बीगॉस ऑटो प्राइवेट लिमिटेड, जो भारत वैल्यू फंड (सीरीज 2) की पोर्टफोलियो कंपनी है, अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
निवेश दृष्टिकोण और नेतृत्व की प्रतिक्रिया
द वेल्थ कंपनी की संस्थापक और पूर्णकालिक निदेशक मधु लुनावत ने कहा कि कई पोर्टफोलियो कंपनियों की आईपीओ की ओर प्रगति धैर्यपूर्ण पूंजी और दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण की क्षमता को दर्शाती है। “प्राइवेट इन्वेस्टिंग का अर्थ है उन व्यवसायों का समर्थन करना, जिनकी पूरी क्षमता को पब्लिक मार्केट द्वारा अभी पहचाना नहीं गया है, और उन्हें स्केल, संस्थागत मजबूती और दीर्घकालिक वैल्यू निर्माण में सहयोग देना,” लुनावत ने कहा।
उन्होंने आगे कहा, “जैसे-जैसे हमारी पोर्टफोलियो कंपनियां इस चरण के करीब पहुंच रही हैं, हमारा फोकस सतत विकास, मजबूत गवर्नेंस और ऐसी संस्थाएं बनाने में है जो पब्लिक कंपनी बनने के साथ आने वाले अवसरों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार हों।”
हालिया निवेश और कंपनी की पृष्ठभूमि
द वेल्थ कंपनी अल्टरनेट्स ने पिछले तीन वर्षों में 25 से अधिक निवेश किए हैं। उल्लेखनीय निवेशों में अमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, बिग मिश्रा और हल्दीराम भुजियावाला शामिल हैं, साथ ही वे कंपनियां भी जो आईपीओ की ओर बढ़ रही हैं।
द वेल्थ कंपनी लगभग ₹10,000 करोड़ के क्लाइंट एसेट्स का प्रबंधन करती है और भारत वैल्यू फंड सीरीज और गिफ्ट सिटी के आईएफएससी फंड सहित कई कैटेगरी II और कैटेगरी III एआईएफ योजनाएं संचालित करती है। कंपनी यूनाइटेड नेशंस प्रिंसिपल्स फॉर रिस्पॉन्सिबल इन्वेस्टमेंट (UN PRI) की साइनटरी है और अपने निवेश दृष्टिकोण में ईएसजी सिद्धांतों को एकीकृत करती है।
पैंटोमैथ ग्रुप का मुख्यालय मुंबई में है और यह इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, एसेट मैनेजमेंट, रिटेल व इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, फिनटेक और एआई क्षेत्रों में भारत सहित अमेरिका, सिंगापुर और यूएई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी काम करता है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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