यूरोपियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज़ (ESCMID) द्वारा 10–12 जून 2026 को लुंड, स्वीडन में “Two Lives at Risk: Navigating Infectious Diseases in Pregnancy” नामक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वभर के विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमणों, उनके निदान, रोकथाम एवं प्रबंधन पर चर्चा की।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारत के मध्य प्रदेश से Dr. Sumit Kumar Rawat ने फैकल्टी सदस्य के रूप में सहभागिता की तथा गर्भावस्था में संक्रमणों के निदान एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार से संबंधित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
विषय महत्व
TORCH संक्रमणों की स्क्रीनिंग जन्मजात विकृतियों एवं नवजात संक्रमणों की रोकथाम
वायरल हेपेटाइटिस एवं श्वसन संक्रमण गर्भवती महिलाओं में जटिलताओं की रोकथाम
वेक्टर जनित रोग (डेंगू, चिकनगुनिया आदि) मातृ एवं भ्रूण जोखिम में कमी
Group B Streptococcus (GBS) स्क्रीनिंग समयपूर्व प्रसव एवं नवजात सेप्सिस की रोकथाम
आधुनिक आणविक जांच (PCR आधारित) शीघ्र एवं सटीक निदान
टीकाकरण एवं संक्रमण नियंत्रण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी
मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश
- प्रारम्भिक गर्भावस्था में TORCH स्क्रीनिंग
कार्यक्रम में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि प्रारम्भिक गर्भावस्था में TORCH (Toxoplasma, Rubella, CMV, Herpes तथा अन्य संक्रमण) की समय पर जांच से जन्मजात विकृतियों, गर्भपात तथा नवजात जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
- Group B Streptococcus (GBS) स्क्रीनिंग
GBS एक सामान्य जीवाणु है जो गर्भवती महिलाओं में बिना लक्षण के पाया जा सकता है, परंतु प्रसव के समय नवजात में गंभीर संक्रमण, निमोनिया, सेप्सिस तथा मेनिन्जाइटिस का कारण बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार गर्भावस्था के अंतिम चरण में GBS स्क्रीनिंग और आवश्यक एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस से:
नवजात सेप्सिस कम किया जा सकता है
समयपूर्व प्रसव (Preterm Birth) में कमी लाई जा सकती है
नवजात मृत्यु दर कम हो सकती है
NICU भर्ती की आवश्यकता घट सकती है
मध्य प्रदेश में संभावित लाभ
मध्य प्रदेश लंबे समय से उच्च शिशु मृत्यु दर एवं नवजात मृत्यु दर की चुनौती से जूझ रहा है। यदि राज्य स्तर पर उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं में TORCH एवं GBS स्क्रीनिंग को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाए, तो निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:
संभावित हस्तक्षेप अपेक्षित लाभ
प्रथम तिमाही TORCH स्क्रीनिंग जन्मजात संक्रमणों में कमी
GBS स्क्रीनिंग नवजात सेप्सिस में कमी
PCR आधारित संक्रमण निदान शीघ्र उपचार
गर्भवती महिलाओं का संक्रमण जोखिम मूल्यांकन मातृ जटिलताओं में कमी
लक्षित टीकाकरण कार्यक्रम गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा
डॉ. सुमित कुमार रावत का दृष्टिकोण
“मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां नवजात एवं शिशु मृत्यु दर अभी भी एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है, वहां गर्भावस्था के दौरान संक्रमणों की समय पर पहचान एवं रोकथाम अत्यंत प्रभावी रणनीति सिद्ध हो सकती है। TORCH के स्थान पर यदि SCORTCH testing ….
Group B Streptococcus जैसी स्क्रीनिंग को चरणबद्ध रूप से उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं में लागू किया जाए तो समयपूर्व जन्म, नवजात संक्रमण तथा मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।”
स्वीडन में ESCMID के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विशेषज्ञ की भागीदारी
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शियस डिजीज़ (ESCMID) द्वारा 10–12 जून 2026 को लुंड, स्वीडन में “Two Lives at Risk: Navigating Infectious Diseases in Pregnancy” नामक अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वभर के विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमणों, उनके निदान, रोकथाम एवं प्रबंधन पर चर्चा की।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारत के मध्य प्रदेश से Dr. Sumit Kumar Rawat ने फैकल्टी सदस्य के रूप में सहभागिता की तथा गर्भावस्था में संक्रमणों के निदान एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार से संबंधित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ
विषय महत्व
TORCH संक्रमणों की स्क्रीनिंग जन्मजात विकृतियों एवं नवजात संक्रमणों की रोकथाम
वायरल हेपेटाइटिस एवं श्वसन संक्रमण गर्भवती महिलाओं में जटिलताओं की रोकथाम
वेक्टर जनित रोग (डेंगू, चिकनगुनिया आदि) मातृ एवं भ्रूण जोखिम में कमी
Group B Streptococcus (GBS) स्क्रीनिंग समयपूर्व प्रसव एवं नवजात सेप्सिस की रोकथाम
आधुनिक आणविक जांच (PCR आधारित) शीघ्र एवं सटीक निदान
टीकाकरण एवं संक्रमण नियंत्रण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी
मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश
- प्रारम्भिक गर्भावस्था में TORCH स्क्रीनिंग
कार्यक्रम में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि प्रारम्भिक गर्भावस्था में TORCH (Toxoplasma, Rubella, CMV, Herpes तथा अन्य संक्रमण) की समय पर जांच से जन्मजात विकृतियों, गर्भपात तथा नवजात जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
- Group B Streptococcus (GBS) स्क्रीनिंग
GBS एक सामान्य जीवाणु है जो गर्भवती महिलाओं में बिना लक्षण के पाया जा सकता है, परंतु प्रसव के समय नवजात में गंभीर संक्रमण, निमोनिया, सेप्सिस तथा मेनिन्जाइटिस का कारण बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार गर्भावस्था के अंतिम चरण में GBS स्क्रीनिंग और आवश्यक एंटीबायोटिक प्रोफिलैक्सिस से:
नवजात सेप्सिस कम किया जा सकता है
समयपूर्व प्रसव (Preterm Birth) में कमी लाई जा सकती है
नवजात मृत्यु दर कम हो सकती है
NICU भर्ती की आवश्यकता घट सकती है
मध्य प्रदेश में संभावित लाभ
मध्य प्रदेश लंबे समय से उच्च शिशु मृत्यु दर एवं नवजात मृत्यु दर की चुनौती से जूझ रहा है। यदि राज्य स्तर पर उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं में TORCH एवं GBS स्क्रीनिंग को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाए, तो निम्नलिखित लाभ प्राप्त हो सकते हैं:
संभावित हस्तक्षेप अपेक्षित लाभ
प्रथम तिमाही TORCH स्क्रीनिंग जन्मजात संक्रमणों में कमी
GBS स्क्रीनिंग नवजात सेप्सिस में कमी
PCR आधारित संक्रमण निदान शीघ्र उपचार
गर्भवती महिलाओं का संक्रमण जोखिम मूल्यांकन मातृ जटिलताओं में कमी
लक्षित टीकाकरण कार्यक्रम गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा
डॉ. सुमित कुमार रावत का दृष्टिकोण
“मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहां नवजात एवं शिशु मृत्यु दर अभी भी एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है, वहां गर्भावस्था के दौरान संक्रमणों की समय पर पहचान एवं रोकथाम अत्यंत प्रभावी रणनीति सिद्ध हो सकती है। TORCH के स्थान पर यदि SCORTCH testing ….
Group B Streptococcus जैसी स्क्रीनिंग को चरणबद्ध रूप से उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं में लागू किया जाए तो समयपूर्व जन्म, नवजात संक्रमण तथा मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।”




