नई दिल्ली, 26 अक्टूबर। आईआईटी रुड़की के iHUB दिव्यसंपर्क (iHUB DivyaSampark) ने वैश्विक एजु-टेक कंपनी एमेरिटस (Emeritus) के सहयोग से छह माह का पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन एजेंटिक सिस्टम्स एंड प्रोडक्शन एआई लॉन्च किया है। 24 सप्ताह का यह पूर्णतः ऑनलाइन प्रोग्राम 22 दिसंबर 2026 से शुरू होगा और इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग पेशेवरों को प्रोडक्शन वातावरण में एआई सिस्टम को लागू, स्केल, मॉनिटर और सुरक्षित करने के कौशल देना है।
यह प्रोग्राम उन संगठनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो एआई के प्रयोग से आगे बढ़कर उसे एंटरप्राइज स्तर पर लागू करना चाहते हैं। मैकिन्से की रिपोर्ट ‘द स्टेट ऑफ एआई इन 2026: ऑन द रोड टू आरओआई’ के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत संगठन नियमित रूप से एआई का उपयोग करते हैं, लेकिन केवल 44 प्रतिशत ने ही इसे पूरे एंटरप्राइज में स्केल किया है और मात्र 37 प्रतिशत को एआई से ईबीआईटी प्रभाव मिला है। बड़े संगठनों में 40 प्रतिशत ने एआई एजेंट्स को स्केल किया है, जो पिछले वर्ष के 27 प्रतिशत से अधिक है।
एमएलऑप्स, एलएलएमऑप्स, आरएजीऑप्स और एजेंटऑप्स पर विशेष ध्यान
इस कोर्स का पाठ्यक्रम चार प्रमुख क्षेत्रों—एमएलऑप्स, एलएलएमऑप्स, आरएजीऑप्स और एजेंटऑप्स—को एकीकृत करता है। इसमें ऑटोमेटेड एमएल पाइपलाइंस, एक्सपेरिमेंट ट्रैकिंग, मॉडल रजिस्ट्रियां, एलएलएम होस्टिंग, इंफरेंस सर्विंग, वेक्टर डेटाबेस, रिट्रीवल इंफ्रास्ट्रक्चर, एजेंट रनटाइम्स, डिप्लॉयमेंट, ऑब्जर्वेबिलिटी और ऑपरेशनल कंट्रोल्स शामिल हैं। क्लाउड-नेटिव इंजीनियरिंग टूल्स जैसे डॉकर, क्यूबरनेटिस और टेराफॉर्म के साथ हाई अवेलेबिलिटी, डिजास्टर रिकवरी, एसएलए, एसएलओ, एक्सेस कंट्रोल और ऑडिट लॉगिंग की प्रैक्टिस भी शामिल है।
प्रतिभागियों को लाइव इंस्ट्रक्शन, वर्चुअल लैब्स और प्रैक्टिकल एक्सरसाइज के माध्यम से 25 से अधिक टूल्स और प्लेटफॉर्म्स—जैसे क्यूबरनेटिस, टेराफॉर्म, एयरफ्लो, एमएलफ्लो, वीएलएलएम, के-सर्व, लैंगग्राफ, प्रोमेथियस, ग्राफाना और मिल्वस—का उपयोग कराया जाएगा। कोर्स में छह ग्रेडेड मिनी प्रोजेक्ट्स और एक एंटरप्राइज मॉडलऑप्स व एलएलएम इंफ्रास्ट्रक्चर कैपस्टोन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
कोर्स संरचना और पात्रता
यह कोर्स हर शनिवार और रविवार को तीन-तीन घंटे के सेशन के रूप में संचालित होगा, जिसमें प्रति सप्ताह 8–10 घंटे की भागीदारी अपेक्षित है। साप्ताहिक सत्र उद्योग विशेषज्ञों द्वारा लिए जाएंगे, जबकि आईआईटी और अन्य प्रमुख संस्थानों के फैकल्टी द्वारा लगभग 12 घंटे की लाइव मास्टरक्लासेज होंगी। पात्रता के लिए आवेदक के पास स्नातक डिग्री या कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव सहित डिप्लोमा, इंटरमीडिएट पाइथन स्किल्स और क्लाउड व देवऑप्स टूल्स (जैसे एडब्ल्यूएस, गिट, डॉकर, क्यूबरनेटिस, सीआई/सीडी) का ज्ञान होना चाहिए।
प्रोग्राम शुल्क ₹1,50,000 प्लस जीएसटी है। कोर्स पूर्ण होने के बाद आईआईटी रुड़की के नोएडा कैंपस में दो दिवसीय वैकल्पिक इमर्शन का विकल्प भी उपलब्ध है। करियर सर्विसेज एमेरिटस द्वारा रिकॉर्डेड कंटेंट के रूप में दी जाएंगी।
लक्ष्य समूह और औद्योगिक प्रासंगिकता
यह सर्टिफिकेट देवऑप्स, क्लाउड, साइट रिलायबिलिटी इंजीनियरिंग (एसआरई), प्लेटफॉर्म इंजीनियर, सॉफ्टवेयर व बैकएंड इंजीनियर, एमएल, एआई व डेटा इंजीनियर, टेक्नोलॉजी आर्किटेक्ट, टेक्निकल लीड और इंजीनियरिंग मैनेजर के लिए बनाया गया है। यह कोर्स शुरुआती के लिए नहीं है और इसमें संबंधित तकनीकों का पूर्व अनुभव आवश्यक है।
मनीष आनंद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, iHUB दिव्यसंपर्क, आईआईटी रुड़की ने कहा, “यह प्रोग्राम अनुभवी इंजीनियरों को एआई को पायलट से प्रोडक्शन तक ले जाने के लिए जरूरी क्षमताएं विकसित करने में मदद करेगा, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग सहभागिता का समावेश है।”
iHUB दिव्यसंपर्क और एमेरिटस के बारे में
iHUB दिव्यसंपर्क आईआईटी रुड़की में स्थापित एक सेक्शन 8 कंपनी और टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब है, जिसे भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स (NM-ICPS) के तहत स्थापित किया गया है। एमेरिटस 80 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर प्रोफेशनल सर्टिफिकेट, डिग्री प्रोग्राम और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रदान करता है, और अब तक 80 से अधिक देशों में 3,50,000 से अधिक शिक्षार्थियों को शिक्षित कर चुका है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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