चेन्नई, 29 अक्टूबर। चेन्नई स्थित प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप विरिडियन इंग्नी प्रोपल्शन (Viridian Ingni Propulsion), जो आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में इनक्यूबेटेड है, ने इंफ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स (Inflection Point Ventures) के नेतृत्व में प्री-सीड राउंड में ₹1.47 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी को इसके अलावा ₹53.75 लाख के ग्रांट भी मिले हैं, जो सिप्कॉट (तमिलनाडु सरकार), एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब, एनआईडीएचआई प्रयास (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग एवं भारी उद्योग मंत्रालय), आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क के आरटीबीआई प्रोग्राम और कमिंस सीएसआर से प्राप्त हुए हैं।
यह नई फंडिंग विरिडियन इंग्नी प्रोपल्शन को वैलिडेटेड प्रोटोटाइप से पायलट प्रोडक्शन की ओर बढ़ने में मदद करेगी। कंपनी इस पूंजी का उपयोग मोटर स्टैम्पिंग टूलिंग और डाई, पायलट प्रोडक्शन लाइन और छोटे मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की स्थापना, एआरएआई/आईसीएटी सर्टिफिकेशन और होमोलॉगेशन, मोटर कंट्रोलर फर्मवेयर के वेलिडेशन, इंजीनियरिंग और बिजनेस टीम के विस्तार तथा मौजूदा लेटर ऑफ इंटेंट के आधार पर शुरुआती कस्टमर डिलीवरी के लिए वर्किंग कैपिटल में करेगी।
पूरी प्रोपल्शन सिस्टम पर फोकस
विरिडियन इंग्नी प्रोपल्शन संपूर्ण इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करती है, जिसमें मोटर, कंट्रोलर और फर्मवेयर का इन-हाउस डिजाइन और वेलिडेशन शामिल है। कंपनी की खासियत है कि वह ये तीनों घटक एक ही वेलिडेटेड यूनिट के रूप में उपलब्ध कराती है, जिसका लक्ष्य ईवी, ड्रोन, रोबोटिक्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी जैसे क्षेत्रों में है।
स्टार्टअप प्रत्येक उपयोग के अनुसार मैग्नेट टेक्नोलॉजी को कस्टमाइज करता है। ई-रिक्शा, टू-व्हीलर, एचवीएसी, कंप्रेसर और सोलर पंप के लिए रियर-अर्थ-फ्री फेराइट पीएमए-सिनआरएम मोटर तथा ड्रोन, कोबोट, एजीवी और मरीन एप्लिकेशन के लिए रियर-अर्थ पीएमएसएम मोटर का उपयोग करता है, जहां पावर डेंसिटी अहम है। इसकी साझा डिजाइन प्लेटफॉर्म नई एप्लिकेशन के लिए लागत और समय को कम करने के साथ-साथ भारतीय ओईएम की चीन से आयातित रियर-अर्थ मैग्नेट पर निर्भरता घटाने का प्रयास करता है।
नेतृत्व और बाजार लक्ष्य
फरवरी 2024 में श्रीराम जी द्वारा स्थापित यह कंपनी, जो संस्थापक और सीईओ हैं, इलेक्ट्रिक व्हीकल और प्रोपल्शन सिस्टम इंजीनियरिंग में लगभग 14 वर्षों का अनुभव रखते हैं। कंपनी फिलहाल आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क से पांच सदस्यीय इंजीनियरिंग टीम के साथ काम कर रही है। विरिडियन इंग्नी प्रोपल्शन को क्रॉप एक्सप्लोर और याली मोबिलिटी से 350 मोटर के लिए लेटर ऑफ इंटेंट मिले हैं। कंपनी का फोकस ऑटोमोटिव ईवी, ड्रोन/यूएवी, रोबोटिक्स और इंडस्ट्रियल मशीनरी बाजार पर है।
इंफ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स के सह-संस्थापक मितेश शाह ने कहा कि कंपनी भारत के ईवी और प्रोपल्शन इकोसिस्टम में अहम कमी को दूर कर रही है, क्योंकि वह पूरी टेक्नोलॉजी स्टैक इन-हाउस विकसित कर रही है। श्रीराम जी, संस्थापक एवं सीईओ ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य है कि भारतीय डिजाइन प्रोपल्शन ओईएम के लिए डिफॉल्ट विकल्प बने, खासकर ईवी, ड्रोन और इंडस्ट्रियल सेक्टर में।
उद्योग का दृष्टिकोण और निवेशक गतिविधि
मार्कएनटेल एडवाइजर्स के अनुसार, भारत का ईवी मोटर बाजार 2024 में लगभग USD 0.90 बिलियन था और 2030 तक इसके USD 2.89 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें लगभग 21.5 प्रतिशत की सीएजीआर होगी। ग्रैंड व्यू रिसर्च के मुताबिक, वैश्विक ईवी ट्रैक्शन मोटर बाजार 2024 में USD 12.57 बिलियन था और 2030 तक इसके USD 74.17 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी सीएजीआर लगभग 30.2 प्रतिशत रहेगी।
इंफ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स ने अब तक 280 से अधिक स्टार्टअप्स में ₹900 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है और 2026 की पहली तिमाही में ही 16 स्टार्टअप्स को फंडिंग दी है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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