हैदराबाद, 1 नवम्बर। रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स (Rotary Club of Hyderabad Mavericks) ने अपनी सालभर चली पीईपी-अप परियोजना (PEP-UP Project) का समापन किया है। यह ₹33 लाख की मानसिक स्वास्थ्य पहल थी, जिसमें हैदराबाद के आठ सरकारी और निजी स्कूलों के 3,207 छात्रों तक पहुंच बनाई गई। इनमें से 574 छात्रों को अतिरिक्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता पाई गई थी, जिनमें से 503 छात्र काउंसलिंग के बाद ग्रीन जोन में आ गए, यानी करीब 88 प्रतिशत छात्रों की स्थिति में सुधार हुआ, जबकि 71 छात्रों को अभी भी निरंतर देखभाल मिल रही है।
इस परियोजना को तेलंगाना की सबसे बड़ी छात्र मानसिक स्वास्थ्य पहल बताया गया है। इसमें 13 से 21 वर्ष आयु वर्ग के 2,686 छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र और स्क्रीनिंग की गई। कार्यक्रम ने अपने मूल 2,500 छात्रों की स्क्रीनिंग लक्ष्य को पार कर लिया, जिसमें 1,164 लड़के और 1,522 लड़कियां शामिल हुईं। पहले स्तर की स्क्रीनिंग में 2,112 छात्र ग्रीन जोन में और 574 को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता वाली श्रेणी में रखा गया। दूसरे स्तर की जांच में 440 छात्र ऑरेंज जोन और 134 छात्र रेड जोन में आए, जो आगे हस्तक्षेप के संकेतक थे, न कि चिकित्सीय निदान।
आठ संस्थानों ने लिया भाग
इस परियोजना में श्री सहिथि हाई स्कूल, जेपीएचएस कोठागुड़ा, न्यू ब्लूम हाई स्कूल, जेपीएचएस कोंडापुर, संस्कृति हाई स्कूल, गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज, जी. नारायणम्मा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस और जेपीएचएस पेड्डामंगलाराम ने भाग लिया। रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स ने मेजबान की भूमिका निभाई, जबकि रोटरी क्लब ऑफ लिवरमोर (Rotary Club of Livermore) अंतरराष्ट्रीय प्रायोजक रहा। मनोजागृति (Manojagrithi) और सुदिशा काउंसलिंग सेंटर (Sudisha Counselling Centre) ने परियोजना के क्रियान्वयन और काउंसलिंग में सहयोग दिया।
माइंडपॉट ऐप और टूलकिट का शुभारंभ
परियोजना का समापन जी. नारायणम्मा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, शैखपेट, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में हुआ। इसमें रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर उदय पिलानी और विशिष्ट अतिथि राशिदा एडेनवाला ने छात्रों के लिए माइंडपॉट (Mindpot) नामक मानसिक स्वास्थ्य ऐप और वेल-बीइंग टूलकिट हैंडबुक का अनावरण किया। इस अवसर पर परियोजना की वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें रोटेरियन्स, शिक्षक और काउंसलर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उदय पिलानी ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य शांति का विस्तार है। शांति रोटरी का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और आत्मिक शांति बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करती है।” उन्होंने बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य को संवारने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि सच्चे आध्यात्मिक नेता अक्सर मानसिक स्वास्थ्य के मार्गदर्शक होते हैं।
काउंसलिंग और परिणाम
सभी छात्रों ने स्मार्ट स्टडी स्किल्स, डिजिटल वेल-बीइंग, भावनात्मक जागरूकता और परीक्षा तनाव जैसे विषयों पर समूह काउंसलिंग सत्रों में भाग लिया। ऑरेंज और रेड जोन के छात्रों को व्यक्तिगत रूप से गोपनीय काउंसलिंग दी गई, जबकि रेड जोन के छात्रों को विशेष सहायता के लिए रेफर किया गया। काउंसलिंग के बाद 228 में से 205 लड़के और 346 में से 298 लड़कियां ग्रीन जोन में आ गईं।
रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स के अध्यक्ष अजय कुमार कम्भमपाटी ने बताया कि यह पहल रोटरी ग्लोबल ग्रांट GG2573626 के तहत लागू की गई थी और इसका फोकस जागरूकता, स्क्रीनिंग, रोकथाम, काउंसलिंग और शीघ्र हस्तक्षेप पर रहा। मनोजागृति की संस्थापक-निदेशक और बाल एवं किशोर मनोवैज्ञानिक डॉ. गीता चला ने युवाओं में भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समस्याओं की शीघ्र पहचान और सहयोगी वातावरण बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्रों की प्रतिक्रिया और आगे की राह
छात्रों ने एकाग्रता, गुस्से पर नियंत्रण, आत्मविश्वास और माता-पिता से संवाद में सुधार की बात कही। जागरूकता सत्रों में तनाव, चिंता, उदासी और आत्मविश्वास की कमी जैसी भावनात्मक चुनौतियों पर चर्चा की गई और गहरी सांस, माइंडफुलनेस, डायरी लेखन और विश्वसनीय वयस्कों से समर्थन लेने जैसी रणनीतियां बताई गईं। परियोजना का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि शैक्षणिक संस्थान, अभिभावक, शिक्षक और सामुदायिक संगठन मिलकर भावनात्मक रूप से सक्षम युवा तैयार करें।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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