मुंबई, 23 अक्टूबर। बैंक ऑफ इंडिया ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ में 25.34 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है, जो ₹3,202 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक ने सोमवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में शुद्ध लाभ 30 प्रतिशत बढ़कर ₹6,270 करोड़ हो गया।
इस तिमाही में बैंक की रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.01 प्रतिशत और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 16.36 प्रतिशत रही। दूसरी तिमाही में परिचालन लाभ 33.19 प्रतिशत बढ़कर ₹5,089 करोड़ रहा, जबकि छमाही का आंकड़ा 30 प्रतिशत बढ़कर ₹10,140 करोड़ पर पहुंच गया।
कारोबार और अग्रिमों में बढ़ोतरी
बैंक ऑफ इंडिया का वैश्विक कारोबार 21.13 प्रतिशत बढ़कर ₹18.92 लाख करोड़ से अधिक हो गया। वैश्विक जमा 21.59 प्रतिशत बढ़कर ₹10.37 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गई, जबकि वैश्विक अग्रिम 20.58 प्रतिशत बढ़कर ₹8.55 लाख करोड़ से अधिक हो गई। विदेशी अग्रिमों में 35.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह ₹1.51 लाख करोड़ रही। खुदरा अग्रिम 19.27 प्रतिशत, एमएसएमई अग्रिम 20.27 प्रतिशत और कृषि अग्रिम 16.34 प्रतिशत सालाना बढ़े। घरेलू सकल अग्रिम में राम (RAM) अग्रिमों की हिस्सेदारी 58.63 प्रतिशत रही। सितंबर 2026 तक घरेलू CASA जमा 7.17 प्रतिशत बढ़कर ₹3.07 लाख करोड़ हो गई।
एसेट गुणवत्ता और पूंजी स्थिति
बैंक का सकल एनपीए अनुपात सालाना आधार पर 94 बेसिस प्वाइंट घटकर 1.60 प्रतिशत हो गया, जबकि शुद्ध एनपीए अनुपात 23 बेसिस प्वाइंट घटकर 0.42 प्रतिशत रहा। प्रोविजन कवरेज अनुपात 94.45 प्रतिशत रहा। दूसरी तिमाही में स्लिपेज अनुपात 0.15 प्रतिशत और क्रेडिट कॉस्ट 0.12 प्रतिशत रही। 30 सितंबर 2026 तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 17.78 प्रतिशत रहा, जो सालाना 109 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी है। CET-1 अनुपात 15.49 प्रतिशत रहा।
डिजिटल बैंकिंग और ग्राहक आधार
डिजिटल क्षेत्र में, ओम्नी नियो मोबाइल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ता 1.49 करोड़ से अधिक हो गए, जबकि इंटरनेट बैंकिंग उपयोगकर्ता 1.11 करोड़ से ऊपर पहुंच गए। डिजिटल लेनदेन 25 प्रतिशत बढ़कर 2.21 अरब हो गए। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में 7.07 लाख नए पीएमजेडीवाई खाते खोले।
आय और दक्षता संकेतक
दूसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज आय 18.52 प्रतिशत बढ़कर ₹7,007 करोड़ रही, जबकि गैर-ब्याज आय 24.78 प्रतिशत बढ़कर ₹2,770 करोड़ रही। वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) सालाना 6 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 2.47 प्रतिशत हो गया। लागत-आय अनुपात 507 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 47.95 प्रतिशत हो गया।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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