हैदराबाद, 8 अक्टूबर। 6वां वार्षिक बायोएग्री इंडस्ट्री समिट, BIOAGRI 2026, बुधवार को हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुआ। इस आयोजन में पूरे भारत से 400 पंजीकृत प्रतिनिधि शामिल हुए हैं, जो सतत जैविक कृषि के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व प्लांट प्रोटेक्शन एडवाइजर डॉ. जे.पी. सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
इस सम्मेलन का आयोजन बायोएग्री इनपुट प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BIPA) द्वारा किया गया है। इसका थीम “बायोलॉजिकल इंटेलिजेंस एंड स्मार्ट एग्रीकल्चर” है, जिसमें भारतीय कृषि में जैविक समाधानों, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्मार्ट तकनीकों के एकीकरण को उजागर किया गया है। BIOAGRI 2026 में उद्योग जगत के अग्रणी, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, स्टार्टअप, नीति निर्माता, रेगुलेटर और टेक्नोलॉजी कंपनियां भाग ले रही हैं।
उद्योग की भागीदारी और प्रदर्शनी
बायोपेस्टीसाइड्स, बायोफर्टिलाइजर्स, बायोस्टिमुलेंट्स, फेरोमोंस और अन्य जैविक कृषि इनपुट्स के निर्माता, साथ ही डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और उपकरण आपूर्तिकर्ता भी इसमें भाग ले रहे हैं। साथ ही, 35 से अधिक प्रदर्शक सतत कृषि के लिए उत्पाद, तकनीक और समाधान प्रदर्शित कर रहे हैं।
BIPA, जो 100 से अधिक उद्योग सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है, भारत का सबसे पुराना पंजीकृत जैविक कृषि संघ है। यह समिट अब इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बन गया है, जो कृषि मूल्य श्रृंखला में ज्ञान और सहयोग को बढ़ावा देता है।
तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा
पहले दिन निवेश और एग्री-बायोलॉजिकल्स में व्यापार के अवसर, क्लाइमेट-एक्शन फाइनेंस, कार्बन क्रेडिट्स, जैविक बाजार का विकास, पुनर्योजी परिवर्तन और कीमती धातुओं के निष्कर्षण के लिए माइक्रोब्स के उपयोग पर तकनीकी सत्र आयोजित हुए। एक सीईओ पैनल ने वाणिज्यिक विस्तार, गुणवत्ता आश्वासन, माइक्रोबियल स्थिरता, रेगुलेटरी पाथवे, आरएंडडी साझेदारी, नीति प्रोत्साहन और निर्यात बाजार की तैयारी जैसे विषयों पर चर्चा की।
मिट्टी स्वास्थ्य पर विशेष सत्र में “मिट्टी उर्वरता से मिट्टी इंटेलिजेंस” तक के बदलाव, मिट्टी पोषण, मायकोराइज़ल अनुप्रयोग, बायोमास, बायोचार और कार्बन क्रेडिट्स पर चर्चा हुई। दोपहर के कार्यक्रम में बायोएग उद्योग के लिए तकनीकी अवसरों, अकादमिक-उद्योग सहयोग, फाइटोसैनिटरी रिसर्च, स्टार्टअप टेक्नोलॉजी, जैविक उत्पादों, बाजार विस्तार और वैज्ञानिक योगदान पर चर्चा की गई।
BIPA स्टार्टअप चैलेंज और पुरस्कार
BIOAGRI 2026 का मुख्य आकर्षण BIPA स्टार्टअप चैलेंज 2026 है, जिसमें जैविक कृषि में नवाचार करने वाली शुरुआती कंपनियां भाग ले रही हैं। चयनित स्टार्टअप्स अपने विचारों को उद्योग नेताओं, निवेशकों और शोधकर्ताओं के पैनल के सामने प्रस्तुत कर रही हैं, जिससे उन्हें दृश्यता और संभावित उद्योग संपर्क मिल सकते हैं।
पहले दिन का समापन उद्योग, अकादमिक और स्टार्टअप इकोसिस्टम में उपलब्धियों को सम्मानित करने वाले पुरस्कार समारोह और प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग के अवसरों के साथ हुआ।
कृषि नवाचार में हैदराबाद की भूमिका
BIOAGRI 2026 ने हैदराबाद को ज्ञान-आधारित उद्योग सम्मेलनों, नवाचार और कृषि तकनीक के केंद्र के रूप में और मजबूत किया है। यह समिट जैविक कृषि के राष्ट्रीय इकोसिस्टम को ज्ञान साझा करने, उद्योग सहयोग, अनुसंधान, नवाचार और नीति निर्माताओं व रेगुलेटरों के साथ संवाद के माध्यम से सशक्त करने का लक्ष्य रखता है।
डॉ. जे.पी. सिंह ने कहा कि भारतीय कृषि का भविष्य जैविक समाधानों, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्मार्ट तकनीकों के किसानों की जरूरतों के साथ प्रभावी एकीकरण पर निर्भर करेगा। उन्होंने सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए BIOAGRI जैसे मंचों की आवश्यकता पर जोर दिया।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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