मुंबई, 29 अक्टूबर। क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) ने मुंबई में एमएलआई फेलिसिटेशन सेरेमनी 2026 का आयोजन किया, जिसमें सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLIs) को माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज (MSEs) को बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में बैंकों और ऋणदाता संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उद्घाटन सीजीटीएमएसई के चेयरमैन और सिडबी (SIDBI) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनोज मित्तल ने किया। मित्तल ने कहा कि क्रेडिट गारंटी तंत्र समावेशी ऋण वृद्धि और उन उद्यमियों के लिए वित्तीय समावेशन को सक्षम बनाता है, जिनके पास पर्याप्त जमानत नहीं है।
श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को सम्मान
समारोह में गारंटी राशि, गारंटी की संख्या, महिला उद्यमियों को समर्थन, भौगोलिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में पहुंच और नई गारंटी योजनाओं को अपनाने जैसी श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ऋणदाता संस्थानों को सम्मानित किया गया।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सर्वाधिक पुरस्कार मिले। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक को भी सम्मानित किया गया। निजी क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने सबसे अधिक पुरस्कार प्राप्त किए, जबकि आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, इंडसइंड बैंक लिमिटेड, एक्सिस बैंक लिमिटेड और कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड को भी सम्मान मिला। एनबीएफसी श्रेणी में बजाज फाइनेंस लिमिटेड, टाटा कैपिटल लिमिटेड, आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड, किसेत्सु फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, क्लिक्स कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, एपिमनी प्राइवेट लिमिटेड और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
सीजीटीएमएसई का कॉरपोरेट वीडियो और अंतरराष्ट्रीय न्यूज़लेटर लॉन्च
इस अवसर पर सीजीटीएमएसई ने अपनी 25 वर्षों की यात्रा और गारंटी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए की गई नीतिगत बदलावों पर आधारित कॉरपोरेट वीडियो लॉन्च किया। ट्रस्ट ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय न्यूज़लेटर भी जारी किया, जिसका उद्देश्य वैश्विक गारंटी संगठनों के साथ नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी साझा करना और अंतरराष्ट्रीय गारंटी समुदाय में ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना है।
नेतृत्व के संबोधन और समापन
सीजीटीएमएसई के सीईओ मनीष सिन्हा ने स्वागत भाषण में एमएलआई के साथ साझेदारी की अहमियत और पूरे देश में क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। सिडबी और एसबीआई के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सभा को संबोधित किया और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराने में सीजीटीएमएसई की भूमिका की सराहना की।
समारोह का समापन महाप्रबंधक टी.एस. अजित के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने एमएलआई के साथ मिलकर क्रेडिट विस्तार और एमएसई वित्तपोषण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के प्रति सीजीटीएमएसई की प्रतिबद्धता दोहराई।
सिडबी का परिचय
1990 में स्थापित सिडबी भारत भर में एमएसएमई के विकास के लिए ऋण और विकासात्मक पहलों के माध्यम से कार्यरत है, जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के व्यापक क्षेत्र पर प्रभाव पड़ता है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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