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सुबह उठते ही रहती है थकान? डॉक्टरों के बताए ये 8 उपाय दिला सकते हैं राहत

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सुबह उठते ही अगर आपको ऐसा लगता है कि शरीर में बिल्कुल ऊर्जा नहीं है, बार-बार अलार्म का स्नूज़ बटन दबाने का मन करता है और चाय या कॉफी पीने के बाद ही दिन की शुरुआत हो पाती है, तो इसे केवल आलस समझकर नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, कई छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके सुबह की थकान को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। हालांकि यदि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी कई सप्ताह तक लगातार थकान बनी रहे, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है और डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

1. स्नूज़ बटन से करें दूरी
अलार्म बजने के बाद बार-बार स्नूज़ दबाने से नींद पूरी नहीं होती, बल्कि नींद बार-बार टूटने के कारण शरीर और दिमाग अधिक सुस्त महसूस कर सकते हैं। कोशिश करें कि पहली घंटी पर ही उठ जाएं।

2. उठते ही एक गिलास पानी पिएं
रातभर शरीर कई घंटे बिना पानी के रहता है। हल्का डिहाइड्रेशन भी थकान, सिर भारी लगना और एकाग्रता में कमी का कारण बन सकता है। सुबह उठते ही एक गिलास सादा पानी पीने की आदत शरीर को तरोताजा करने में मदद कर सकती है।

3. हल्की स्ट्रेचिंग या योग करें
बिस्तर से उठने के बाद 5 से 10 मिनट की स्ट्रेचिंग, योग या हल्की एक्सरसाइज रक्त संचार बढ़ाती है और शरीर को सक्रिय बनाती है। इससे दिमाग तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है और ऊर्जा महसूस होती है।

4. ठंडे पानी से चेहरा धोएं
ठंडे पानी के छींटे या हल्का ठंडा शॉवर शरीर को जागने का संकेत देता है और सुस्ती कम करने में मदद कर सकता है।

5. नाश्ता कभी न छोड़ें
सुबह का संतुलित नाश्ता दिनभर की ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है। केवल चाय-बिस्कुट या मीठे खाद्य पदार्थों के बजाय प्रोटीन, फाइबर और साबुत अनाज से भरपूर नाश्ता करें। जैसे- पोहा में मूंगफली, इडली-सांभर, दलिया, अंडा, अंकुरित अनाज या दही के साथ पराठा बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

6. सुबह धूप लें
सुबह 10 से 20 मिनट प्राकृतिक धूप में समय बिताने से शरीर की जैविक घड़ी (सर्कैडियन रिद्म) संतुलित रहती है। इससे रात में बेहतर नींद आती है और सुबह उठना आसान होता है।

7. कैफीन पर पूरी तरह निर्भर न रहें
चाय या कॉफी थोड़ी देर के लिए ऊर्जा दे सकती है, लेकिन अत्यधिक कैफीन बाद में थकान बढ़ा सकती है और रात की नींद भी प्रभावित कर सकती है।

8. रात की नींद का रखें ध्यान
वयस्कों के लिए सामान्यतः 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद आवश्यक मानी जाती है। रोजाना लगभग एक ही समय पर सोना और उठना, सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का कम उपयोग करना तथा शांत वातावरण में सोना बेहतर नींद में मदद करता है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि पर्याप्त नींद लेने, खानपान और दिनचर्या सुधारने के बावजूद कई सप्ताह तक लगातार सुबह की थकान बनी रहे या इसके साथ तेज खर्राटे, सांस रुकना, वजन में बदलाव, उदासी, चक्कर, बुखार या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण भी हों, तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। लगातार थकान के पीछे Sleep apnea, थायरॉयड की समस्या, एनीमिया, मधुमेह, पोषण की कमी या कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव जैसे कारण भी हो सकते हैं।

ध्यान रखें

सुबह की थकान हर बार किसी बीमारी का संकेत नहीं होती। कई बार केवल पर्याप्त पानी पीना, संतुलित नाश्ता करना, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और स्नूज़ बटन से दूरी जैसी सरल आदतें ही पूरे दिन की ऊर्जा और कार्यक्षमता में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

(यह लेख Healthline पर प्रकाशित स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।)

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के निदान या उपचार के लिए चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

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