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आईआईआईटी हैदराबाद और एनपीसीआई ने डिजिटल भुगतान साइबर सुरक्षा के लिए समझौता किया

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हैदराबाद, 27 अक्टूबर। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी हैदराबाद (IIIT Hyderabad) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 24 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसमें शोध, नवाचार और क्षमता निर्माण पर फोकस रहेगा।

इस साझेदारी में एनपीसीआई के डिजिटल भुगतान इन्फ्रास्ट्रक्चर के संचालन व विकास के अनुभव और आईआईआईटी हैदराबाद की उन्नत तकनीकी शोध विशेषज्ञता को जोड़ा गया है। आईआईआईटी हैदराबाद में इस पहल का नेतृत्व साइबर मंथन सेंटर (Cyber Manthan Centre – CMC) करेगा, जो साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक्स और ट्रस्टेड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कार्य करता है। इसका नेतृत्व निदेशक प्रो. संदीप के. शुक्ला करेंगे।

शोध और क्षमता निर्माण पर जोर

इस समझौते के तहत डिजिटल भुगतान में उभरती साइबर सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त शोध एवं विकास का ढांचा तैयार किया गया है। क्षमता निर्माण इस साझेदारी का मुख्य हिस्सा रहेगा, जिसमें विशेष प्रशिक्षण, ज्ञान आदान-प्रदान, शोध सहभागिता और उद्योग केंद्रित लर्निंग के अवसर शामिल होंगे।

इस सहयोग का उद्देश्य शैक्षणिक शोध को उद्योग की जरूरतों से जोड़ना, साइबर सुरक्षा में अकादमिक-उद्योग सहभागिता मजबूत करना और डिजिटल भुगतान क्षेत्र में विकसित होती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है।

नेताओं ने साझेदारी की अहमियत बताई

दिलीप असबे, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, एनपीसीआई ने कहा कि यह साझेदारी उद्योग अनुभव और शैक्षणिक विशेषज्ञता को एक साथ लाकर साइबर सुरक्षा शोध को आगे बढ़ाएगी, व्यावहारिक समाधान विकसित करेगी और मौजूदा व उभरते जोखिमों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “यह साझेदारी एनपीसीआई की सक्रिय जोखिम प्रबंधन और डिजिटल भुगतान में सुरक्षा मानकों को ऊंचा करने की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।”

प्रो. संदीप के. शुक्ला, निदेशक, आईआईआईटी हैदराबाद ने कहा कि यह साझेदारी डिजिटल भुगतान से जुड़ी साइबर सुरक्षा चुनौतियों की खोज और भुगतान सुरक्षा बढ़ाने के लिए उभरती तकनीकों के उपयोग का मंच देगी। उन्होंने क्षमता निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि इससे छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को डिजिटल भुगतान प्रणालियों की अगली पीढ़ी को सुरक्षित करने के लिए विशेष कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

आईआईआईटी हैदराबाद की भूमिका में साइबर मंथन सेंटर अग्रणी

आईआईआईटी हैदराबाद की ओर से साइबर मंथन सेंटर इस साझेदारी में संस्थान की भागीदारी का नेतृत्व करेगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक्स और ट्रस्टेड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर शोध और प्रशिक्षण पर फोकस रहेगा।

— कारोबार समाचार ब्यूरो


अस्वीकरण: यह समाचार संबंधित संस्था द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है और इसे एआई टूल्स की सहायता से संपादित किया गया है। कारोबार समाचार विज्ञप्ति में किए गए दावों, आंकड़ों या बयानों की पुष्टि, समर्थन या जिम्मेदारी नहीं लेता।

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