मुंबई, 28 अक्टूबर। ज्योति स्ट्रक्चर्स लिमिटेड (Jyoti Structures Limited) को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से गुजरात में ±800 केवी एचवीडीसी बाइपोल बाड़मेर- II और साउथ कलंब ट्रांसमिशन लाइंस परियोजना के पैकेज TL05 के लिए ₹648.91 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
यह अनुबंध, जिसमें जीएसटी शामिल नहीं है, ±800 केवी हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन लाइनों की सप्लाई, निर्माण, परीक्षण और कमीशनिंग को टर्नकी आधार पर कवर करता है। परियोजना को अधिसूचना की तिथि से 38 महीनों में पूरा करना है।
कुल ऑर्डर ₹1,598 करोड़ के पार
यह नया ऑर्डर दो अन्य अनुबंधों के बाद आया है, जो ज्योति स्ट्रक्चर्स को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से 26 अक्टूबर 2026 को राजस्थान में इसी ट्रांसमिशन परियोजना के पैकेज TL01 और TL02 के लिए कुल ₹949.35 करोड़ के मिले थे। अब इन तीनों पैकेजों का कुल मूल्य ₹1,598.26 करोड़ हो गया है, जिसमें जीएसटी शामिल नहीं है।
गुजरात और श्रीलंका में अन्य परियोजनाएं
ज्योति स्ट्रक्चर्स को हाल ही में गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (GETCO) से 765 केवी डीसी पच्छम–सायक्खा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना के लिए ₹689.93 करोड़ का अनुबंध भी मिला है। कंपनी इस समय श्रीलंका में हेयलीज फेंटन्स लिमिटेड के साथ मिलकर 220 केवी डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का कार्य कर रही है, जिसका उद्देश्य पवन ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुंचाना है।
तकनीकी क्षमताओं पर जोर
ऑर्डर पर प्रतिक्रिया देते हुए, ज्योति स्ट्रक्चर्स लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी अमित दत्ता ने कहा कि ±800 केवी एचवीडीसी ट्रांसमिशन लाइनों की इंजीनियरिंग और क्रियान्वयन में जटिल तकनीकी समन्वय की आवश्यकता होती है और कंपनी की एकीकृत ईपीसी रणनीति इन आवश्यकताओं को डिजाइन, निर्माण, प्रोटोटाइप टावर परीक्षण और साइट निष्पादन के जरिए पूरा करती है। “इंजीनियरिंग डिटेल, साइट कंडीशन्स और हर स्तर पर गुणवत्ता पर ध्यान देना हमारे ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स की सफलता का आधार है,” दत्ता ने कहा।
अनुभव और निर्माण क्षमता
1974 में स्थापित ज्योति स्ट्रक्चर्स ने अब तक 37,600 सर्किट किलोमीटर से अधिक ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया है और भारत तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 1,800 से अधिक हाई-वोल्टेज सबस्टेशन बे डिलीवर किए हैं। नासिक के पास घोटी में कंपनी की प्रोटोटाइप टावर परीक्षण सुविधा 1,200 केवी तक के परीक्षण में सक्षम है। नासिक में कंपनी की दो निर्माण इकाइयों की संयुक्त गैल्वनाइजेशन क्षमता लगभग 72,000 मीट्रिक टन है और कंपनी का प्रोजेक्ट निष्पादन अनुभव विभिन्न भूभागों और चुनौतीपूर्ण साइट कंडीशन्स में फैला हुआ है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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