नई दिल्ली, 3 नवंबर। कैस्परस्की ने इंडोनेशिया जाने वाले भारतीय यात्रियों को बढ़ते साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर सतर्क किया है। कंपनी के अनुसार, जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच इंडोनेशिया में 1.29 करोड़ से अधिक वेब थ्रेट डिटेक्शन दर्ज किए गए। इनमें 5.59 लाख पासवर्ड चुराने वाले सॉफ़्टवेयर, 4.81 लाख स्पाईवेयर और 28.47 लाख बैकडोर डिटेक्शन शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि इंडोनेशिया भारतीय पर्यटकों के लिए लोकप्रिय गंतव्य बनता जा रहा है, और इसी के साथ डिजिटल खतरों में भी वृद्धि देखी जा रही है। यात्रा के दौरान ऑनलाइन सेवाओं, पब्लिक वाई-फाई और डिजिटल पेमेंट सिस्टम्स पर निर्भरता के कारण खतरे बढ़े हैं।
क्यूआरआईएस पेमेंट फ्रॉड का खतरा
कैस्परस्की की ग्लोबल रिसर्च एंड एनालिसिस टीम (GReAT) ने इंडोनेशिया के राष्ट्रीय क्यूआरआईएस पेमेंट सिस्टम में धोखाधड़ी को पर्यटकों के लिए बड़ा खतरा बताया है। टीम ने चेतावनी दी कि धोखेबाज दुकानों, रेस्तरां और विक्रेताओं के असली क्यूआर कोड को फर्जी कोड से बदल सकते हैं, जिससे भुगतान गलत स्थान पर जा सकता है या वित्तीय जानकारी चोरी हो सकती है। क्यूआरआईएस पूरे इंडोनेशिया में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, जिससे यह फ्रॉड के लिए आसान निशाना बन जाता है।
कंपनी ने सलाह दी है कि भुगतान से पहले मर्चेंट की जानकारी की पुष्टि करें, अनौपचारिक स्रोतों से मिले क्यूआर कोड को स्कैन न करें और यह जांच लें कि कोड बदला तो नहीं गया है। यात्रियों को ट्रांजेक्शन नोटिफिकेशन चालू रखने और भुगतान विवरण डालने से पहले सही वेबसाइट पर रीडायरेक्ट होने की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
कैस्परस्की की एआई-आधारित सुरक्षा
कैस्परस्की ने बताया कि उसने उपभोक्ता समाधान में एआई-आधारित स्कैम सुरक्षा को शामिल किया है, जिसमें मशीन लर्निंग आधारित एंटी-फिशिंग एल्गोरिद्म, रियल-टाइम बिहेवियर मॉनिटरिंग और डेटा लीक व पहचान चोरी की पहचान के टूल्स शामिल हैं। 2025 में, कैस्परस्की प्रीमियम को एवी-कम्पेरेटिव्स द्वारा एंटी-फिशिंग टेस्ट में “एप्रूव्ड” सर्टिफिकेशन मिला, जिससे इसकी एआई-सक्षम एंटी-फिशिंग क्षमताओं को मान्यता मिली।
नौशीन शबाब, लीड सिक्योरिटी रिसर्चर, कैस्परस्की GReAT ने कहा, “यात्रा के दौरान लोग नई जगह देखने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, न कि साइबर सुरक्षा पर। यही कारण है कि पर्यटक साइबर अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं—वे अनजान डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते हैं, नए स्थानों से जुड़ते हैं और अक्सर जल्दी में निर्णय लेते हैं। हमारा शोध बताता है कि साइबर अपराधी इन स्थितियों का फायदा उठाते हैं। यदि यात्री हर गंतव्य के प्रमुख खतरों को समझ लें, तो वे कुछ आसान उपाय अपनाकर अपनी जानकारी सुरक्षित रख सकते हैं और यात्रा का आनंद ले सकते हैं।”
सुरक्षित यात्रा के लिए सुझाव
कैस्परस्की ने सलाह दी है कि यात्रा बुकिंग के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें, भुगतान से पहले यूआरएल की जांच करें, संदिग्ध ऑफर से बचें, मजबूत पासवर्ड और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें तथा केवल आधिकारिक स्टोर्स से ही ऐप डाउनलोड करें। कंपनी ने यात्रा बुकिंग के बाद बैंक स्टेटमेंट नियमित रूप से जांचने और केवल विश्वसनीय स्रोतों से मिले क्यूआर कोड ही स्कैन करने की सलाह दी है। पब्लिक वाई-फाई का उपयोग करते समय इंटरनेट कनेक्शन को एन्क्रिप्ट करने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल करने की भी सिफारिश की गई है।
कैस्परस्की एक वैश्विक साइबर सुरक्षा और डिजिटल प्राइवेसी कंपनी है, जो उपभोक्ताओं के लिए समाधान और डिजिटल खतरों पर शोध प्रदान करती है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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