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SIP 2 साल में बंद की तो कितना नुकसान? 10 साल तक जारी रखने पर क्या बदल जाता है, समझिए पूरा गणित

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नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड में Systematic Investment Plan यानी SIP को लंबे समय के वित्तीय लक्ष्यों के लिए निवेश का एक अनुशासित तरीका माना जाता है। इसमें निवेशक एक निश्चित राशि नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड में निवेश करता है। लेकिन SIP शुरू करने से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है उसे पर्याप्त समय तक जारी रखना।

बाजार में गिरावट आने पर कई निवेशक अपने SIP को रोक देते हैं या निवेश बदल देते हैं। अल्पावधि में ऐसा फैसला राहत देने वाला लग सकता है, लेकिन लंबे समय में इससे निवेशक को उन कम कीमतों पर यूनिट खरीदने का अवसर गंवाना पड़ सकता है, जब बाजार नीचे होता है।

10 साल के निवेश में शुरुआती समय का असर कम

SIP की एक खासियत रुपये की औसत लागत (Rupee Cost Averaging) है। बाजार गिरने पर समान SIP राशि से ज्यादा यूनिट खरीदी जाती हैं, जबकि बाजार बढ़ने पर कम यूनिट मिलती हैं। लंबे समय में यह अलग-अलग बाजार स्तरों पर किए गए निवेश की औसत लागत को संतुलित करने में मदद करता है।

Nifty 50 TRI के 10 साल के SIP प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों में यह भी संकेत मिलता है कि निवेश की शुरुआत साल के किस समय या किस स्तर से हुई, लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर उसका असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है।

एक विश्लेषण में एक ही वर्ष के तीन अलग-अलग शुरुआती बिंदुओं से 10 साल की अवधि के SIP रिटर्न की तुलना की गई। आंकड़े इस प्रकार रहे—

निवेश शुरू करने का समय10 साल का Nifty 50 TRI रिटर्न
साल के सबसे ऊंचे स्तर पर12.59%
साल के सबसे निचले स्तर पर12.80%
साल के पहले कारोबारी दिन12.90%

इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में निवेशक के लिए बाजार में प्रवेश का बिल्कुल सही समय चुनने से ज्यादा महत्वपूर्ण निवेश को पर्याप्त समय देना हो सकता है।

2 साल में नुकसान, 7 साल में तस्वीर बदल सकती है

अल्पावधि में SIP का प्रदर्शन काफी अस्थिर हो सकता है। उपलब्ध rolling-return आंकड़ों के अनुसार Nifty 50 TRI में 2 साल की अवधि में सबसे खराब SIP rolling return करीब -39.8% रहा। 5 साल की अवधि में न्यूनतम रिटर्न करीब -4.4% रहा, जबकि 7 साल की अवधि में न्यूनतम rolling return 0.4% रहा।

यानी जितनी लंबी अवधि तक निवेश बना रहा, नुकसान वाले दौर की संभावना उतनी कम होती गई।

लंबी अवधि के औसत rolling SIP returns भी अपेक्षाकृत स्थिर दायरे में रहे। 5, 7 और 10 साल की अवधि के लिए औसत रिटर्न क्रमशः करीब 12.7%, 12.5% और 12.6% रहा।

हालांकि, इन आंकड़ों को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार जोखिम के अधीन होते हैं और भविष्य में रिटर्न इससे काफी अलग हो सकते हैं।

दो साल बाद SIP रोकने का क्या असर?

मान लीजिए कोई निवेशक हर महीने 20,000 रुपये की SIP करता है और औसतन 10% वार्षिक रिटर्न के आधार पर 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखता है। इस उदाहरण में लक्ष्य लगभग 17वें वर्ष में हासिल हो सकता है।

लेकिन यदि निवेशक दो साल बाद छह महीने के लिए SIP रोक देता है, तो उसी लक्ष्य तक पहुंचने में लगभग 4 महीने 27 दिन की अतिरिक्त अवधि लग सकती है।

यही वजह है कि SIP को केवल बाजार के हालिया प्रदर्शन के आधार पर रोकना या शुरू करना निवेश के मूल उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है।

SIP में हर साल बढ़ोतरी से लक्ष्य जल्दी हासिल हो सकता है

निवेश की अवधि बढ़ाने के साथ-साथ SIP की राशि बढ़ाना भी लंबी अवधि में बड़ा अंतर पैदा कर सकता है।

इसी 20,000 रुपये मासिक SIP के उदाहरण में यदि निवेशक हर साल SIP में 5% की बढ़ोतरी करता है, तो 1 करोड़ रुपये का लक्ष्य लगभग 15वें वर्ष में हासिल किया जा सकता है। वहीं, सालाना 10% SIP टॉप-अप करने पर यही लक्ष्य लगभग 13वें वर्ष में पूरा हो सकता है।

इसलिए आय बढ़ने के साथ SIP की राशि बढ़ाना निवेश की क्षमता को मजबूत कर सकता है।

SIP रोकने के बजाय लक्ष्य याद रखना जरूरी

वित्तीय सलाहकारों के अनुसार युवा निवेशकों की एक सामान्य गलती यह है कि वे अपने निवेश का आकलन केवल पिछले एक साल के रिटर्न से करने लगते हैं। जब रिटर्न कमजोर दिखाई देता है तो वे SIP रोकने या फंड बदलने का फैसला कर लेते हैं।

लेकिन SIP का उद्देश्य केवल पिछले एक साल में अच्छा रिटर्न हासिल करना नहीं, बल्कि लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य—जैसे घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा, सेवानिवृत्ति या बड़ी पूंजी तैयार करना—के लिए नियमित निवेश करना है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि वेतन या आय में वृद्धि होने पर SIP को भी धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, हर साल मिलने वाली पूरी वेतन वृद्धि को खर्च करने के बजाय उसका एक हिस्सा SIP में बढ़ोतरी के लिए रखा जा सकता है।

निवेशकों के लिए क्या सीख?

SIP में सबसे महत्वपूर्ण बात केवल कितना पैसा निवेश किया जा रहा है, यह नहीं है। कितने लंबे समय तक निवेश जारी रखा गया और समय के साथ निवेश कितना बढ़ाया गया, यह भी महत्वपूर्ण है।

बाजार में गिरावट SIP निवेशक के लिए हमेशा नुकसान की स्थिति नहीं होती। समान राशि से गिरते बाजार में अधिक यूनिट खरीदने का अवसर मिलता है। लेकिन इसका फायदा तभी मिल सकता है जब निवेशक घबराकर SIP बंद न करे और उसके पास पर्याप्त लंबी निवेश अवधि हो।

ध्यान दें: Nifty 50 TRI के ऐतिहासिक आंकड़े केवल पिछले बाजार व्यवहार को दर्शाते हैं। ये भविष्य में किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं देते। म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश बाजार जोखिम के अधीन हैं। निवेश का निर्णय अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।

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