मुंबई, 15 अक्टूबर। बी2के एनालिटिक्स (B2K Analytics) के विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बीएसई एसएमई और एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म पर लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) ने आईपीओ के जरिए ₹3,791.67 करोड़ जुटाए। यह राशि पिछली तिमाही में जुटाए गए ₹1,890.06 करोड़ की तुलना में लगभग दोगुनी है।
इस तिमाही में SME आईपीओ की लिस्टिंग संख्या में 111 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल 80 कंपनियों ने लिस्टिंग की, जिनमें 55 बीएसई एसएमई और 25 एनएसई इमर्ज पर सूचीबद्ध हुईं। हालांकि यह वृद्धि पहली छमाही की सुस्ती के बाद आई है, लेकिन यह आंकड़ा तीसरी तिमाही 2025 के ₹4,531.27 करोड़ के शिखर से कम है।
फ्रेश कैपिटल से जुटी सबसे अधिक राशि
जुटाई गई कुल राशि में से 94 प्रतिशत फ्रेश कैपिटल (FC) इश्यू से आई, जो ₹3,574.67 करोड़ रही। यह पिछली तिमाही के ₹1,782.06 करोड़ से काफी अधिक है। ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए भी राशि दोगुनी होकर ₹217 करोड़ हो गई, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹108 करोड़ थी।
लिस्टिंग प्रदर्शन और प्रमुख लाभार्थी
80 आईपीओ में से 51 ने प्रीमियम पर लिस्टिंग की, 19 ने डिस्काउंट पर और 10 में कोई लाभ या हानि नहीं हुई। आठ कंपनियों ने 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ लिस्टिंग की, जिनमें मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (Millworks Technologies) शामिल है, जिसका इश्यू साइज ₹160.34 करोड़ था। अन्य प्रमुख कंपनियों में क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर (Credent Connect N Care, ₹93.90 करोड़) और टेक्नोक्रेट्स प्लाज्मा सिस्टम्स (Technocrats Plasma Systems, ₹60.98 करोड़) शामिल हैं।
लिस्टिंग-डे गेन के आधार पर शीर्ष 10 आईपीओ में तेजा इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज, मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज, श्री बालाजी (माला) टेक्सटाइल्स, क्रेडेंट कनेक्ट एन केयर, शांति इनऑर्गेनिक्स, फार्म पीस, स्पेक्ट्राआ टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस, रोबोकिड्ज़ एडुवेंचर्स, क्वालियांस इंटरनेशनल और टेक्नोक्रेट्स प्लाज्मा सिस्टम्स शामिल रहे। इनकी लिस्टिंग गेन 74.24 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक रही।
सबसे बड़े SME आईपीओ
तीसरी तिमाही 2026 में सबसे बड़े इश्यू में अनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग (Anawil Wire and Engineering, ₹177.81 करोड़, इश्यू प्राइस ₹270), मिलवर्क्स टेक्नोलॉजीज (₹160.34 करोड़, ₹331), पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Poojaa Precision Engg., ₹159.83 करोड़, ₹301), रक्सन ट्रांसफॉर्मर्स (Raksan Transformers, ₹150.50 करोड़, ₹273), ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट इंडिया (Optimystix Entertainment India, ₹108.50 करोड़, ₹175) और ओएम गैलेक्सी (OM Galaxy, ₹105 करोड़, ₹90) शामिल हैं।
SME आईपीओ में सेक्टोरल ट्रेंड्स
SME आईपीओ में सबसे अधिक भागीदारी कैपिटल गुड्स कंपनियों की रही, जिनकी संख्या 40 रही और यह कुल सैंपल का 25 प्रतिशत है। टेक्सटाइल सेक्टर से 16 कंपनियां (10 प्रतिशत) और एफएमसीजी व हेल्थकेयर से 12-12 कंपनियां (8 प्रतिशत प्रत्येक) शामिल रहीं। शीर्ष पांच सेक्टर 158 कंपनियों के सैंपल में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं, जबकि शीर्ष दस सेक्टरों की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जिससे व्यापक औद्योगिक प्रतिनिधित्व दिखता है।
बी2के एनालिटिक्स के सीईओ ऋतबन बसु ने कहा, “लिस्टिंग गेन में सुधार से SME आईपीओ के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ी है, जिसे संभवतः सेबी द्वारा मजबूत नियामकीय उपायों की उम्मीद का समर्थन मिला है। हालांकि, घाटे में लिस्टिंग बढ़ने से यह भी स्पष्ट है कि बाजार की भागीदारी चयनात्मक रही और प्रदर्शन इश्यू की कीमत, कंपनी की बुनियादी स्थिति और बाजार मांग पर निर्भर रहा।” बसु ने आगे कहा कि कई बड़े SME आईपीओ और मजबूत लिस्टिंग प्रीमियम से संकेत मिलता है कि SME प्लेटफॉर्म पर अधिक पूंजी की जरूरत वाली कंपनियां आ रही हैं और निवेशकों का भरोसा चुनिंदा इश्यू में बढ़ा है।
SEBI के SME आईपीओ फ्रेमवर्क में बदलाव के प्रस्ताव
SME आईपीओ गतिविधि में तेजी ऐसे समय आई है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) SME आईपीओ फ्रेमवर्क में बदलाव पर विचार कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों में लिस्टिंग की पात्रता मानदंड में संशोधन, लाभप्रदता की सख्त शर्तें, अंडरराइटिंग नॉर्म्स में बदलाव और निवेशक भागीदारी बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। बी2के एनालिटिक्स के अनुसार, ये नियामकीय बदलाव आगामी महीनों में फंड जुटाने, लिस्टिंग प्रदर्शन और निवेशक भागीदारी को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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