हैदराबाद, 7 अक्टूबर। रामोजी फिल्म सिटी में छठा वार्षिक बायोएग्री इंडस्ट्री समिट, BIOAGRI 2026, की शुरुआत हुई। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से 400 से अधिक पंजीकृत प्रतिनिधि टिकाऊ जैविक कृषि पर चर्चा के लिए जुटे। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व प्लांट प्रोटेक्शन सलाहकार डॉ. जे.पी. सिंह ने किया, जिन्होंने मुख्य भाषण भी दिया।
बायोएग्री इनपुट प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BIPA) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन 7 और 8 अक्टूबर को “बायोलॉजिकल इंटेलिजेंस और स्मार्ट एग्रीकल्चर” थीम पर आयोजित हो रहा है, जिसमें जैविक विज्ञान, तकनीक और कृषि के संगम पर फोकस है।
उद्योग जगत और स्टार्टअप्स की भागीदारी
सम्मेलन में बायोपेस्टीसाइड्स, बायोफर्टिलाइजर्स, बायोस्टिमुलेंट्स, फेरोमोन, डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, उपकरण आपूर्तिकर्ता और टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। आयोजन में 35 स्टॉल्स पर 60 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पाद और समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।
इस समिट में 100 से अधिक साझेदारियों और सहयोगों की मेजबानी की जा रही है, जिसमें 20 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं। BIPA, जो 100 से अधिक उद्योग सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है, ज्ञान साझा करने, उद्योग सहयोग और नीति निर्माताओं व नियामकों के साथ संवाद को बढ़ावा दे रहा है।
तकनीकी सत्र और सीईओ पैनल
पहले दिन निवेश और एग्री-बायोलॉजिकल्स में व्यापार के अवसर, जलवायु-कार्य वित्त, कार्बन क्रेडिट, जैविक बाजार का विकास और कीमती धातुओं के निष्कर्षण में माइक्रोब्स के उपयोग जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। सीईओ पैनल में वाणिज्यिक विस्तार, गुणवत्ता आश्वासन, माइक्रोबियल स्थिरता, नियामक प्रक्रिया, अनुसंधान एवं विकास साझेदारी, नीति प्रोत्साहन और वैश्विक निर्यात बाजार की तैयारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
मिट्टी स्वास्थ्य पर एक सत्र में पारंपरिक उर्वरता से “मिट्टी इंटेलिजेंस” की ओर बदलाव, मिट्टी पोषण, माइकोराइजल अनुप्रयोग, बायोमास, बायोचार और कार्बन क्रेडिट के साथ-साथ जैविक कृषि इनपुट्स की ओर रुझान पर चर्चा हुई।
तकनीक और नवाचार पर जोर
दोपहर के कार्यक्रम में जैव कृषि उद्योग के लिए तकनीकी अवसरों पर प्रकाश डाला गया, जिसमें स्टार्टअप्स, अकादमिक जगत, उद्योग और शोधकर्ता एक साथ आए। इसमें उभरती तकनीकों, बाजार विस्तार और वैज्ञानिक योगदान पर चर्चा हुई। सम्मेलन का उद्देश्य स्थापित उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच संबंध मजबूत करना है, जिसमें नवाचार और शोध क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सम्मेलन में उद्योग, अकादमिक और स्टार्टअप इकोसिस्टम में उपलब्धियों के लिए पुरस्कार समारोह भी आयोजित हुआ, जिससे नेटवर्किंग के अवसर और जैविक कृषि में नवाचार को मान्यता मिली।
BIPA स्टार्टअप चैलेंज 2026 की शुरुआत
इस वर्ष के सम्मेलन की खासियत BIPA स्टार्टअप चैलेंज 2026 है, जिसमें जैविक कृषि में नवाचार कर रही शुरुआती चरण की कंपनियों के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गई। चयनित स्टार्टअप्स ने अपने समाधान उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों और शोधकर्ताओं की पैनल के सामने प्रस्तुत किए, जिससे उन्हें पहचान, नेटवर्किंग और संभावित उद्योग संपर्कों के अवसर मिले।
मुख्य भाषण में डॉ. जे.पी. सिंह, पूर्व प्लांट प्रोटेक्शन सलाहकार, भारत सरकार ने कहा, “जैविक कृषि अब केवल एक सीमित क्षेत्र नहीं रही, बल्कि यह टिकाऊ कृषि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन रही है। भारतीय कृषि का भविष्य इस पर निर्भर करेगा कि हम जैविक समाधान, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्मार्ट तकनीकों को किसानों की आवश्यकताओं के साथ कितनी प्रभावी ढंग से जोड़ पाते हैं।”
2021 से 2025 के बीच आयोजित पिछले संस्करणों की सफलता के आधार पर, BIOAGRI 2026 का उद्देश्य सहयोग, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से जैविक कृषि के लिए राष्ट्रीय इकोसिस्टम को और मजबूत करना है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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