मुंबई, 22 अक्टूबर। भारत में कमर्शियल इंश्योरेंस रेट्स 2026 की पहली तीन तिमाहियों में प्रमुख श्रेणियों में लगातार गिरावट पर रही है। यह जानकारी मार्श ग्लोबल इंश्योरेंस मार्केट इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बीमाकर्ताओं की बढ़ी हुई क्षमता और बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते यह गिरावट देखी गई है।
मार्श (Marsh), जो एक इंश्योरेंस ब्रोकर और रिस्क एडवाइजर है, की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में प्रॉपर्टी, फाइनेंशियल और प्रोफेशनल तथा साइबर इंश्योरेंस रेट्स में गिरावट दर्ज की गई है। देश में यह गिरावट इंडिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (IMEA) क्षेत्र में सबसे अधिक रही।
प्रॉपर्टी और फाइनेंशियल लाइंस में तेज गिरावट
भारत में प्रॉपर्टी इंश्योरेंस रेट्स लगातार चौथी तिमाही में गिरे हैं। 2026 की पहली तिमाही में कुछ ग्राहकों को प्रॉपर्टी रेट्स में 45 प्रतिशत तक की कमी मिली, हालांकि अधिकांश कटौती इससे कम रही। वहीं, IMEA क्षेत्र में औसत गिरावट 10 प्रतिशत रही। मार्श ने इस ट्रेंड का कारण बीमाकर्ताओं की बढ़ी क्षमता, टैरिफ हटाने और अच्छे रिस्क मैनेजमेंट वाले क्लाइंट्स के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ने को बताया है, जिससे खरीदारों को प्राइसिंग, कवरेज, लिमिट्स और पॉलिसी शर्तों पर अधिक लाभ मिला।
फाइनेंशियल और प्रोफेशनल लाइंस में भी लगातार चौथी तिमाही में गिरावट आई है। डायरेक्टर्स एंड ऑफिसर्स लाइबिलिटी रेट्स में पहली तिमाही में 20 प्रतिशत तक की कमी देखी गई, वहीं प्रोफेशनल इंडेम्निटी रेट्स में भी गिरावट आई। मार्श ने बताया कि कंपनियां प्रतिस्पर्धी माहौल का लाभ उठाकर सिर्फ प्रीमियम ही नहीं, बल्कि लिमिट्स, डिडक्टिबल्स और कवरेज स्ट्रक्चर का भी पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं।
साइबर इंश्योरेंस रेट्स में लगातार गिरावट
IMEA क्षेत्र में साइबर इंश्योरेंस रेट्स लगातार बारहवीं तिमाही में गिरे हैं। भारत में तीसरी तिमाही में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि IMEA औसत 10 प्रतिशत रहा। मार्श ने यह भी कहा कि रेट्स कम होने के बावजूद साइबर रिस्क परिदृश्य लगातार बदल रहा है, क्योंकि डिजिटल निर्भरता, नई तकनीकों और बदलते थ्रेट पैटर्न के चलते कंपनियां अपनी कवरेज की समीक्षा और मजबूती पर ध्यान दे रही हैं।
बाजार की स्थिति से खरीदारों को फायदा
मार्श ने कहा कि मौजूदा गिरावट के चलते कई संगठनों के लिए इंश्योरेंस लागत कम हो रही है और खरीदारों के पास विकल्प बढ़ रहे हैं। बढ़ी हुई क्षमता और प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियां कवरेज, लिमिट्स, डिडक्टिबल्स और पॉलिसी शर्तों में सुधार के साथ-साथ अपने इंश्योरेंस प्रोग्राम्स को नए और जुड़े हुए रिस्क के अनुसार पुनः जांचने का मौका पा रही हैं।
कंपनी ने सलाह दी कि कारोबारी मौजूदा अनुकूल बाजार स्थिति का लाभ उठाकर अपने इंश्योरेंस प्रोग्राम्स की मजबूती की समीक्षा करें, खासकर जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता, साइबर खतरों, सप्लाई चेन में व्यवधान और प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम लगातार बदल रहा है।
मार्श (NYSE: MRSH) 130 देशों में क्लाइंट्स को सलाह देता है और इसकी वार्षिक आय $27 अरब है, जिसमें 95,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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