मुंबई, 30 अक्टूबर। एचडीएफसी लार्ज कैप फंड (HDFC Large Cap Fund), जो मुख्य रूप से लार्ज कैप शेयरों में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, ने अक्टूबर 1996 में लॉन्च होने के बाद अपने 30 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 30 सितंबर 2026 तक इस फंड ने 17.62 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की है।
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (HDFC Mutual Fund) के अनुसार, फंड की शुरुआत में ₹1 लाख का एकमुश्त निवेश लगभग ₹1.30 करोड़ हो गया होता, जबकि लॉन्च के समय से हर महीने ₹10,000 की एसआईपी 30 सितंबर 2026 तक लगभग ₹8.46 करोड़ तक पहुंच गई होती।
तीन दशकों में प्रदर्शन
शुरुआत में एचडीएफसी टॉप 100 फंड के नाम से जाना जाने वाला यह स्कीम तीन दशकों में एशियाई वित्तीय संकट, डॉट-कॉम बबल, 2008 की वैश्विक वित्तीय मंदी और 2020 की महामारी जैसी प्रमुख घटनाओं से गुजरी है। इस दौरान फंड ने भारत के अग्रणी व्यवसायों में दीर्घकालिक निवेश की अपनी रणनीति को बरकरार रखा।
30 सितंबर 2026 तक फंड का पोर्टफोलियो बैंकिंग, टेलीकम्युनिकेशन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।
प्रबंधन और निवेश रणनीति
इस फंड का प्रबंधन राहुल बैजल जुलाई 2022 से कर रहे हैं, जबकि भाग्येश कागलकर अगस्त 2026 से गोल्ड और सिल्वर इंस्ट्रूमेंट्स का प्रबंधन देख रहे हैं। स्कीम का उद्देश्य लार्ज कैप कंपनियों में निवेश के जरिए दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि और आय प्राप्त करना है। ये कंपनियां भारतीय अर्थव्यवस्था की मार्केट लीडर मानी जाती हैं।
मील का पत्थर और नेतृत्व की प्रतिक्रिया
एचडीएफसी एएमसी (HDFC AMC) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत मुनोट ने कहा कि 30 वर्ष पूरे करना निवेशकों और भागीदारों की पीढ़ी दर पीढ़ी विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “लार्ज कैप फिलहाल उचित वैल्यूएशन पर हैं। लंबी अवधि के निवेशक संभावित संपत्ति सृजन के लिए लार्ज कैप फंड पर विचार कर सकते हैं।” फंड मैनेजर राहुल बैजल ने भी निवेशकों और भागीदारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि कई लार्ज कैप कंपनियां वर्तमान में तुलनात्मक रूप से उचित वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर बन रहे हैं।
फंड की पृष्ठभूमि और नियामकीय जानकारी
एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (HDFC Asset Management Company Limited) की स्थापना दिसंबर 1999 में हुई थी और जुलाई 2000 में इसे सेबी से मंजूरी मिली थी। यह कंपनी एचडीएफसी म्यूचुअल फंड का प्रबंधन करती है, जो भारत के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड्स में से एक है। कंपनी के पास पीएमएस और एआईएफ के लिए सेबी लाइसेंस हैं और इसका देशभर में ब्रांच और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। फंड का सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर MF/044/00/6 है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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