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AI डॉक्टर नहीं है! ChatGPT से इलाज पूछने से पहले जान लें ये बड़ा खतरा

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नई दिल्ली। सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द या त्वचा पर दाने… आजकल ऐसे लक्षण दिखते ही कई लोग डॉक्टर के बजाय सबसे पहले ChatGPT या किसी अन्य AI चैटबॉट का सहारा लेते हैं। कुछ ही सेकंड में बीमारी की संभावित वजह और इलाज से जुड़ी जानकारी मिल जाती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या AI पर आंख बंद करके भरोसा करना सुरक्षित है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का जवाब है—नहीं। उनका कहना है कि AI स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह किसी अनुभवी डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता। गलत या अधूरी सलाह कई बार बीमारी को गंभीर बना सकती है और इलाज में खतरनाक देरी का कारण बन सकती है।

क्यों बढ़ रहा है AI पर भरोसा?

भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच के साथ AI चैटबॉट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है। अस्पतालों में लंबी कतारें, विशेषज्ञ डॉक्टरों तक सीमित पहुंच और तुरंत जवाब पाने की इच्छा के कारण लोग पहले ऑनलाइन सलाह लेना पसंद कर रहे हैं।

AI चैटबॉट कुछ सेकंड में लक्षणों के आधार पर संभावित बीमारियों की जानकारी दे देता है। इसी वजह से कई लोग इसे डॉक्टर के विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।

AI की सबसे बड़ी कमजोरी

डॉक्टर केवल मरीज द्वारा बताए गए लक्षणों के आधार पर इलाज तय नहीं करते। वे मेडिकल हिस्ट्री, उम्र, पहले से चल रही बीमारियों, दवाओं, शारीरिक परीक्षण, लैब रिपोर्ट और कई अन्य पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं।

इसके विपरीत AI केवल वही जानकारी समझता है, जो उपयोगकर्ता उसे लिखकर देता है। वह मरीज की जांच नहीं कर सकता, दर्द की तीव्रता महसूस नहीं कर सकता और न ही शरीर में दिखाई देने वाले कई महत्वपूर्ण संकेतों का आकलन कर सकता है।

यही कारण है कि कई बार AI का जवाब वास्तविक स्थिति से अलग हो सकता है।

गलत सलाह के दो बड़े खतरे

विशेषज्ञों के अनुसार AI आधारित सलाह दो तरह के जोखिम पैदा कर सकती है।

पहला, यदि कोई गंभीर बीमारी सामान्य समस्या बताकर नजरअंदाज कर दी जाए तो मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाता। इससे इलाज में देरी हो सकती है।

दूसरा, यदि मामूली समस्या को गंभीर बीमारी बता दिया जाए तो मरीज और उसके परिवार में अनावश्यक डर और तनाव पैदा हो सकता है।

आपात स्थिति में बिल्कुल न करें यह गलती

यदि किसी व्यक्ति को सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी, बोलने में कठिनाई, लगातार बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव या तेज बुखार जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो AI चैटबॉट से सलाह लेने में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।

ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।

भारतीय भाषाओं में भी चुनौती

भारत जैसे बहुभाषी देश में मरीज अलग-अलग भाषाओं और स्थानीय शब्दों में अपनी समस्या बताते हैं। कई बार AI चैटबॉट इन शब्दों या उनके संदर्भ को सही तरीके से नहीं समझ पाते। इससे बीमारी की गलत व्याख्या होने की संभावना बढ़ सकती है।

AI का सही उपयोग कैसे करें?

विशेषज्ञ मानते हैं कि AI का उपयोग पूरी तरह गलत नहीं है। यदि समझदारी से इस्तेमाल किया जाए तो यह स्वास्थ्य संबंधी जानकारी हासिल करने का अच्छा माध्यम बन सकता है।

AI का उपयोग इन कामों के लिए किया जा सकता है—

  • किसी बीमारी के बारे में शुरुआती जानकारी लेने के लिए।
  • मेडिकल रिपोर्ट या कठिन चिकित्सीय शब्दों को समझने के लिए।
  • डॉक्टर से मिलने से पहले अपने सवाल तैयार करने के लिए।
  • स्वस्थ जीवनशैली और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए।

लेकिन केवल AI के आधार पर दवा शुरू करना, दवा बंद करना या इलाज का फैसला लेना सही नहीं माना जाता।

भविष्य में क्या होगी AI की भूमिका?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण सहयोगी बनेगा। यह मरीजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करने, शुरुआती स्क्रीनिंग, मेडिकल दस्तावेज तैयार करने और डॉक्टरों को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकता है।

हालांकि अंतिम निर्णय, मरीज की शारीरिक जांच और उपचार की जिम्मेदारी हमेशा प्रशिक्षित चिकित्सक की ही रहेगी।

निष्कर्ष

AI ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तक पहुंच पहले से कहीं अधिक आसान बना दी है। लेकिन सुविधा और विश्वसनीय इलाज में अंतर समझना जरूरी है। AI को एक स्मार्ट डिजिटल सहायक की तरह इस्तेमाल करें, डॉक्टर के विकल्प के रूप में नहीं। आपकी सेहत से जुड़ा अंतिम फैसला हमेशा योग्य चिकित्सक की सलाह के आधार पर ही होना चाहिए।

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