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रोटरी क्लब के ₹33 लाख मानसिक स्वास्थ्य प्रोजेक्ट से 3,207 छात्र लाभान्वित

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हैदराबाद, 28 अक्टूबर। रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स ने अपने वर्षभर चलने वाले पीईपी-अप वेल-बीइंग प्रोजेक्ट का समापन किया है। यह ₹33 लाख का मानसिक स्वास्थ्य अभियान था, जिसमें हैदराबाद के आठ सरकारी और निजी स्कूलों के 3,207 छात्रों को जोड़ा गया। समापन समारोह शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को जी. नारायणम्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, शैखपेट में आयोजित होगा।

पीईपी-अप, रोटरी ग्लोबल ग्रांट GG2573626 के तहत संचालित किया गया, जिसे अब तक तेलंगाना का सबसे बड़ा छात्र मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बताया गया है। इसमें 13 से 21 वर्ष के छात्रों के लिए जागरूकता, स्क्रीनिंग, रोकथाम, काउंसलिंग और प्रारंभिक हस्तक्षेप की सुविधाएं दी गईं।

स्क्रीनिंग और जागरूकता के नतीजे

प्रोजेक्ट के आंकड़ों के अनुसार, 2,686 छात्रों की लेवल 1 पर मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 2,112 छात्रों को ग्रीन श्रेणी में रखा गया, जबकि 574 को ऑरेंज या रेड श्रेणी में रखा गया, जिन्हें आगे ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। ये श्रेणियां आगे की जांच और सहायता का मार्गदर्शन करती हैं, हालांकि ये चिकित्सकीय निदान नहीं हैं।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्रों के माध्यम से 3,207 छात्रों तक पहुंच बनाई गई, जिनमें भावनात्मक कल्याण, सामान्य मनोवैज्ञानिक चुनौतियां और सहायता लेने के महत्व जैसे विषय शामिल थे। कार्यक्रम में कई चरणों की प्रक्रिया रही—जागरूकता सत्र, मानकीकृत स्क्रीनिंग, आगे की जांच, काउंसलिंग और पोस्ट-स्क्रीनिंग समीक्षा।

भागीदार संस्थान और साझेदार

इस पहल में श्री सहिथि हाई स्कूल, जेपीएचएस कोठागुड़ा, न्यू ब्लूम हाई स्कूल, जेपीएचएस कोंडापुर, संस्कृति हाई स्कूल, गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज, जी. नारायणम्मा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस और जेपीएचएस पेड्डामंगलारम शामिल रहे।

रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद मैवरिक्स ने होस्ट क्लब की भूमिका निभाई, जबकि रोटरी क्लब ऑफ लिवरमोर अंतरराष्ट्रीय प्रायोजक रहा और मनोजागृति कार्यान्वयन साझेदार रहा।

प्रदर्शनी कार्यक्रम और शिक्षक सहभागिता

31 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शनी कार्यक्रम में प्रोजेक्ट की उपलब्धियां, उसके कार्यान्वयन मॉडल और शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहयोग को शामिल करने पर चर्चा होगी। शिक्षकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, जिससे शिक्षकों को सहयोगी शिक्षण वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रारंभिक हस्तक्षेप और सहयोग पर जोर

पीईपी-अप ने गहरी सांस लेना, माइंडफुलनेस, डायरी लेखन और विश्वसनीय वयस्कों से सहयोग लेने जैसी रणनीतियों पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य कलंक को कम करना, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान को बढ़ावा देना और छात्रों को काउंसलर व पेशेवर सहायता सेवाओं की भूमिका से परिचित कराना था।

— कारोबार समाचार ब्यूरो


अस्वीकरण: यह समाचार संबंधित संस्था द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है और इसे एआई टूल्स की सहायता से संपादित किया गया है। कारोबार समाचार विज्ञप्ति में किए गए दावों, आंकड़ों या बयानों की पुष्टि, समर्थन या जिम्मेदारी नहीं लेता।

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