नई दिल्ली, 29 अक्टूबर। भारती एंटरप्राइजेज (Bharti Enterprises) के संस्थापक और चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के प्रतिष्ठित ‘शेवलियर दे ल’ऑर्डर नेशनल दे ला लीजन द’ऑनर’ (Chevalier de l’Ordre national de la Légion d’honneur) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान फ्रांस के राजदूत थियरी माथू (Thierry Mathou) ने 28 अक्टूबर 2026 को फ्रांस के निवास स्थान पर आयोजित समारोह में प्रदान किया।
लीजन द’ऑनर, जिसे 1802 में सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट ने स्थापित किया था, फ्रांसीसी गणराज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। मित्तल को यह सम्मान भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और टेलीकॉम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए दिया गया है।
व्यापार साझेदारी के लिए सराहना
राजदूत थियरी माथू ने मित्तल की भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने में भूमिका की सराहना की। उन्होंने एएक्सा (AXA), अल्काटेल-ल्यूसेंट (Alcatel-Lucent) जैसी फ्रांसीसी कंपनियों के साथ मित्तल के संबंधों और फ्रांसीसी सैटेलाइट कंपनी यूटेलसैट (Eutelsat) में उनके निवेश का उल्लेख किया। माथू ने कहा कि यह सम्मान फ्रांस की ओर से मित्तल के व्यापारिक संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने की प्रतिबद्धता के लिए आभार का प्रतीक है।
मित्तल, जो यूटेलसैट के उपाध्यक्ष भी हैं, भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत अंतरिक्ष और डिजिटल तकनीक में सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मित्तल का करियर और संबद्धताएं
सुनील भारती मित्तल ने 1976 में भारती एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी, जिसकी गतिविधियां टेलीकॉम, स्पेस कम्युनिकेशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी तक फैली हैं। समूह की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल 17 देशों में संचालित होती है, जिसके 650 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं और यह ग्राहक आधार के लिहाज से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है। मित्तल बीटी ग्रुप पीएलसी (BT Group Plc) के बोर्ड निदेशक भी हैं और भारती, यूटेलसैट और बीटी ग्रुप दोनों में सबसे बड़ा निजी शेयरधारक है।
मित्तल लगातार फ्रांस में भारती की उपस्थिति बढ़ाने और फ्रांसीसी कंपनियों के साथ साझेदारी गहरी करने के पक्षधर रहे हैं। वे 2026 के ‘चूज फ्रांस समिट’ में चौथी बार हिस्सा लेने जा रहे हैं।
पूर्व सम्मान और योगदान
मित्तल को पहले पद्म भूषण और ब्रिटिश साम्राज्य के मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर के नाइट कमांडर (KBE) का सम्मान मिल चुका है। वे किंग चार्ल्स तृतीय से केबीई पाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने। उन्हें जीएसएमए (GSMA) के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी नवाजा गया है और वे जीएसएमए, इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स, भारतीय उद्योग परिसंघ और कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस जैसी संस्थाओं में नेतृत्व भूमिका निभा चुके हैं। वे आईटीयू की एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन, डब्ल्यूईएफ के इंटरनेशनल बिजनेस काउंसिल, वर्ल्ड बैंक ग्रुप के प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट लैब, हैकलुट के इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड और सीएफआर के ग्लोबल बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स से भी जुड़े हैं।
शैक्षणिक क्षेत्र में मित्तल ने हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, लंदन बिजनेस स्कूल, एलएसई, आईएसबी, प्लक्ष यूनिवर्सिटी, आईआईटी दिल्ली, आईआईएम अहमदाबाद व लखनऊ और सोल में सलाहकार की भूमिका निभाई है। उन्होंने 2000 में भारती एयरटेल फाउंडेशन की स्थापना की, जो सत्य भारती स्कूलों, सरकारी साझेदारियों, शिक्षक विकास और छात्रवृत्तियों के माध्यम से भारत और अफ्रीका में शिक्षा की समान पहुंच को बढ़ावा देता है।
समारोह में दिए गए वक्तव्य
राजदूत थियरी माथू ने समारोह में कहा, “श्री सुनील भारती मित्तल को शेवलियर दे ल’ऑर्डर नेशनल दे ला लीजन द’ऑनर से सम्मानित करना भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान की पहचान है।” सम्मान स्वीकार करते हुए मित्तल ने कहा, “फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा मिले इस सम्मान से मैं भावुक और विनम्र हूं… मैं यह सम्मान राष्ट्रपति मैक्रों के प्रति आभार के साथ स्वीकार करता हूं और भारत-फ्रांस आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए पुनः प्रतिबद्ध हूं।”
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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