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AI से नौकरियां नहीं घटेंगी, नए अवसर बढ़ेंगे! TCS बनाएगी 8,900 AI इंजीनियरों की टीम, अधिग्रहण की भी तैयारी

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नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच जहां यह आशंका जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में कई नौकरियां खत्म हो सकती हैं, वहीं देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एक अलग तस्वीर पेश की है। कंपनी का मानना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नए कौशल वाले पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ाएगा।

इसी रणनीति के तहत TCS ने करीब 5,900 से 8,900 AI विशेषज्ञ इंजीनियरों की विशेष टीम तैयार करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही कंपनी AI, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में अधिग्रहण (Acquisition) के अवसर भी तलाश रही है।

कौन होंगे ये AI Deployment Engineers?

ये ऐसे विशेषज्ञ होंगे जो सीधे ग्राहकों के साथ काम करेंगे और उनकी जरूरतों के अनुसार AI सिस्टम को लागू (Deploy) करने, मौजूदा सॉफ्टवेयर से जोड़ने और बिजनेस के अनुरूप उसे तैयार करने में मदद करेंगे।

दूसरे शब्दों में, केवल AI टूल उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं होगा। कंपनियों को ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत होगी जो AI को उनके मौजूदा कारोबार में सफलतापूर्वक लागू कर सकें।

AI से क्यों बदल रही है IT कंपनियों की रणनीति?

AI के कारण दुनिया भर में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पहले की तुलना में अधिक तेज और कम समय में पूरा होने लगा है। इससे निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ी है कि भविष्य में बड़ी इंजीनियरिंग टीमों की जरूरत कम हो सकती है।

हालांकि TCS का कहना है कि AI के बढ़ते उपयोग के साथ ग्राहकों को ऐसे अनुभवी पार्टनर की आवश्यकता और बढ़ेगी जो अलग-अलग AI मॉडल, डेटा और मौजूदा आईटी सिस्टम को एक साथ जोड़ सकें।

OpenAI और Microsoft जैसी कंपनियों से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

AI Deployment Engineers की नियुक्ति के मामले में TCS अब उन वैश्विक कंपनियों की राह पर चल रही है जो पहले से इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही हैं। आने वाले समय में AI प्रतिभाओं को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

AI और साइबर सिक्योरिटी में अधिग्रहण की तैयारी

कई वर्षों तक केवल अपनी आंतरिक क्षमता के दम पर आगे बढ़ने वाली TCS अब AI, डेटा सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र की कंपनियों के अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है। इससे कंपनी अपने AI कारोबार को और मजबूत बनाना चाहती है।

कर्मचारियों पर हर साल करीब 8,500 करोड़ रुपये का निवेश

TCS हर वर्ष लगभग 1 अरब डॉलर (करीब ₹8,500 करोड़) कर्मचारियों के कौशल विकास, AI प्रशिक्षण और नई तकनीकों में विशेषज्ञता बढ़ाने पर खर्च करती है। कंपनी का फोकस कर्मचारियों को AI युग के अनुरूप तैयार करना है।

AI कारोबार की रफ्तार थोड़ी धीमी

हालांकि कंपनी के AI कारोबार की वार्षिक वृद्धि दर पिछली तिमाही के 28 प्रतिशत से घटकर पहली तिमाही में 13 प्रतिशत रह गई है। इसके बावजूद TCS का कहना है कि लंबी अवधि में AI कारोबार में मजबूत वृद्धि की संभावना बनी हुई है।

इसका आम लोगों और युवाओं के लिए क्या मतलब?

विशेषज्ञों का मानना है कि AI के कारण पारंपरिक आईटी नौकरियों का स्वरूप जरूर बदलेगा, लेकिन AI लागू करने, डेटा प्रबंधन, साइबर सिक्योरिटी, मशीन लर्निंग और बिजनेस इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ेगी।

यानी आने वाले वर्षों में केवल डिग्री नहीं, बल्कि AI आधारित कौशल (AI Skills) रोजगार का सबसे बड़ा आधार बन सकते हैं।

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