नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। अमेरिका में स्थापित वॉलंटियर-आधारित गैर-लाभकारी संस्था माइंडजिम इनिशिएटिव (MindGym Initiative) ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक फिटनेस एक्सरसाइज को रोज़मर्रा की आदत बनाने की अपील की है। संस्था ने खास तौर पर बच्चों और युवाओं में चिंता प्रबंधन और एकाग्रता बढ़ाने में इन अभ्यासों की भूमिका को रेखांकित किया है।
माइंडजिम इनिशिएटिव के संस्थापक और ‘माइंडफुल थिंकिंग: सिंपल वेज़ टू लेट गो ऑफ योर एंग्जायटी, बूस्ट योर प्रोडक्टिविटी एंड रीवायर योर थॉट्स’ के लेखक पृथ्वी राज बनर्जी ने कहा कि नियमित मानसिक अभ्यास से व्यक्ति स्वस्थ सोच विकसित कर सकता है और आधुनिक जीवन की चुनौतियों, जैसे डिजिटल डिस्ट्रैक्शन और सूचना की अधिकता, का सामना बेहतर ढंग से कर सकता है।
कार्यक्रम की संरचना और तकनीकें
माइंडजिम कार्यक्रम आठ सप्ताह का कोर्स है, जिसमें 12 तकनीकें शामिल हैं, जैसे बेली ब्रीदिंग, बंबलबी हम, बैलेंस्ड ब्रीथ, बॉडी रडार, वर्ड एंकर, कैच एंड ड्रॉप, और प्ले एंड पॉज। इन अभ्यासों का उद्देश्य प्रतिभागियों को ध्यान केंद्रित करने, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को पहचानने और अनावश्यक या दोहरावपूर्ण सोच से बाहर निकलने में मदद करना है।
माइंडजिम वर्कशॉप्स में इंटरएक्टिव गेम्स और बायोफीडबैक आधारित गतिविधियां, जैसे माइंडबॉल, का भी उपयोग किया जाता है ताकि ध्यान केंद्रित करने का प्रशिक्षण रोचक हो सके। 2017 से अब तक संस्था ने सैकड़ों वर्कशॉप्स आयोजित की हैं, जिनमें हज़ारों बच्चे और युवा विभिन्न पृष्ठभूमियों से जुड़े हैं। इनमें से कई प्रतिभागी अपनी एकाग्रता और फोकस बढ़ाने के लिए जुड़े।
परिणाम और दृष्टिकोण
माइंडजिम इनिशिएटिव के अनुसार, वर्कशॉप्स के पहले और बाद में किए गए अवलोकनों से प्रतिभागियों के ध्यान केंद्रित करने और उसे बनाए रखने की क्षमता में सुधार देखा गया। हालांकि, संस्था ने स्पष्ट किया कि ये अवलोकन उपचार की प्रभावशीलता के क्लिनिकल प्रमाण नहीं हैं।
बनर्जी, जो आईआईटी (बीएचयू) और एमआईटी से प्रशिक्षित टेक्नोलॉजिस्ट और माइंडफुलनेस कोच हैं, ने इस कार्यक्रम को तकनीक, योग और माइंडफुलनेस प्रैक्टिसेज़ को मिलाकर विकसित किया है। उन्होंने कहा कि तकनीक-प्रधान माहौल में ध्यान को नियंत्रित करना और बाहरी उत्तेजनाओं पर प्रतिक्रिया प्रबंधित करना आज की महत्वपूर्ण जीवन-कौशल बन गई है।
वर्कशॉप्स और पहुंच
माइंडजिम इनिशिएटिव मुख्य रूप से बच्चों और वयस्कों के लिए ऑनलाइन वर्कशॉप्स आयोजित करता है, ताकि मानसिक फिटनेस अभ्यासों को रोज़मर्रा की दिनचर्या में सहजता से शामिल किया जा सके। बनर्जी को उनकी किताब ‘माइंडफुल थिंकिंग’ से मिलने वाली आय मुफ्त माइंडजिम वर्कशॉप्स के लिए सहयोग करती है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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