ठाणे, 13 अक्टूबर। ओवा फर्टिलिटी एंड वीमेन केयर, ठाणे द्वारा ठाणे ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (TOGS) के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय प्रजनन चिकित्सा सम्मेलन ‘ओवा फर्टिकॉन 2026’ में 10 और 11 अक्टूबर को ताज विवांता, ठाणे में पांच शहरों से आए 200 से अधिक प्रतिनिधि और 45 फैकल्टी सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, एम्ब्रायोलॉजिस्ट और मेडिकल छात्र एकत्र हुए और आईवीएफ, कैंसर रोगियों के लिए फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन तथा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी प्रबंधन जैसे विषयों पर चर्चा की।
सम्मेलन में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART), एम्ब्रायोलॉजी, मातृ-भ्रूण चिकित्सा, रोबोटिक सर्जरी और ऑन्कोफर्टिलिटी में नवीनतम प्रगति पर जोर दिया गया। इसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण और बहुविषयी सहयोग को प्राथमिकता दी गई। सत्रों में बार-बार इम्प्लांटेशन फेल्योर, एंडोमेट्रियल रिसेप्टिविटी, बांझपन में जेनेटिक्स, पुरुष बांझपन और आईवीएफ में विधिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रमुख वक्ता और फैकल्टी
पद्मश्री डॉ. कामिनी राव ने “द आर्ट ऑफ ART: इवोल्यूशन, एथिक्स एंड एक्सीलेंस” विषय पर ओवा फर्टिकॉन ओरेशन दिया। अन्य वक्ताओं में बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉ. सतीश तिबरेवाला, डीन एमपीजीआईएमईआर, एमयूएचएस, नासिक के डॉ. किरण पाटोले, डॉ. अशुतोष आजगांवकर, सोसाइटी ऑफ मैटरनल फेटल मेडिसिन इंडिया के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश मेहता, एसएमएफएम इंडिया की सचिव और ग्लोबल चेयर, आईएसएसएचपी डॉ. रेवती एस. राजन, मुंबई की डॉ. चेरी शाह और गुजरात की फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. कांति बंसल शामिल थे। स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों में TOGS की अध्यक्ष डॉ. रेखा थोते और केईएम हॉस्पिटल की एचओडी डॉ. पद्मजा सामंत भी सम्मिलित हुईं।
वर्कशॉप और शैक्षिक पहल
कार्यक्रम में चार व्यावहारिक वर्कशॉप शामिल थीं: मेरिल सर्जिकल रोबोट के साथ सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण, एंड्रोलॉजी और प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) तैयारी, इन्ट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (ICSI) और एम्ब्रियो बायोप्सी, तथा प्रीक्लेम्पसिया के लिए पॉइंट-ऑफ-केयर प्लेसेंटल ग्रोथ फैक्टर (PlGF) परीक्षण। मैटरनल-फेटल मेडिसिन वर्कशॉप सोसाइटी ऑफ मैटरनल फेटल मेडिसिन (इंडिया) के साथ आयोजित की गई थी, और एक कीनोट में प्रीक्लेम्पसिया प्रबंधन में एंजियोजेनिक बायोमार्कर पर चर्चा हुई। सम्मेलन में प्रतिभागियों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) के चार क्रेडिट पॉइंट्स प्रदान किए गए।
“इंटेलिजेंस दैट सीज बियॉन्ड द ऑब्वियस: एआई इन रिप्रोडक्टिव मेडिसिन” शीर्षक वाले सत्र में प्रजनन चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा हुई, जिसमें एम्ब्रियो असेसमेंट, लैब प्रैक्टिस, क्लिनिकल निर्णय और उपचार योजना में एआई की भूमिका, क्लिनिकल वैलिडेशन, नैतिक सुरक्षा और रोगी सहमति पर विशेष ध्यान दिया गया।
पुस्तक विमोचन और नई शैक्षिक सर्कल
इस कार्यक्रम में “नेक्स्टजेन रिप्रोडक्टिव मेडिसिन” पुस्तक का विमोचन हुआ, जिसे ओवा फर्टिलिटी एंड वीमेन केयर, ठाणे की क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. स्नेहल कोहले और वरिष्ठ एम्ब्रायोलॉजिस्ट एवं आईवीएफ लैबोरेटरी मैनेजर डॉ. संगीता कुमार ने लिखा है। यह पुस्तक जेपी ब्रदर्स मेडिकल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित की गई है और इसमें प्रजनन जीवविज्ञान, एंडोक्रिनोलॉजी, जीनोमिक्स, रीजेनेरेटिव मेडिसिन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल हेल्थ जैसे विषय शामिल हैं।
आयोजकों ने ओवा अकादमिक सर्कल की भी घोषणा की, जो एक मासिक ऑनलाइन शैक्षिक पहल है, जिससे सम्मेलन के बाद भी सीखने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसमें पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉयड, पुरुष बांझपन, फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन और मेनोपॉज जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
विशेषज्ञों के विचार और आगे की योजनाएं
डॉ. किरण पाटोले ने मेडिकल शिक्षा में तकनीक और क्लिनिकल जजमेंट के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक को मजबूत क्लिनिकल ज्ञान का पूरक होना चाहिए, न कि उसका स्थान लेना चाहिए। पद्मश्री डॉ. कामिनी राव ने फर्टिलिटी उपचार में सटीकता, नैतिकता और क्लिनिकल उत्कृष्टता के स्तंभों तथा ज्ञान साझा करने और मेंटरशिप के माध्यम से भावी डॉक्टरों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
डॉ. स्नेहल कोहले ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य ज्ञान और क्लिनिकल प्रैक्टिस के बीच की खाई को पाटना, महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना और वैज्ञानिक संवाद, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा मेंटरशिप के माध्यम से युवा डॉक्टरों को प्रेरित करना है। आयोजकों की योजना ओवा फर्टिकॉन को महाराष्ट्र और अन्य राज्यों के प्रजनन चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए वार्षिक शैक्षिक मंच के रूप में विकसित करने की है।
ओवा फर्टिलिटी एंड वीमेन केयर, ठाणे, प्रजनन, प्रजनन चिकित्सा और महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित है और अपने क्लिनिकल एवं शैक्षिक पहलों के माध्यम से प्रमाण-आधारित शिक्षा और बहुविषयी सहयोग को बढ़ावा देता है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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