नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। गूगल (Google) और मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्वास्थ्य और जीवन बीमा की 40 प्रतिशत बिक्री पर ऑनलाइन रिसर्च का सीधा प्रभाव पड़ रहा है। ‘डीकोडिंग द डीआईसीए कंज्यूमर’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सर्च इंजन, एआई-आधारित टूल्स और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म बीमा खरीदने के निर्णय में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 50 प्रतिशत से अधिक ग्राहक बीमा सलाहकार से चर्चा के बाद भी अपनी ऑनलाइन शॉर्टलिस्ट में शामिल कंपनियों के साथ ही बने रहते हैं। इसके अलावा, पिछले एक वर्ष में यूट्यूब पर बीमा से जुड़ी सामग्री को 250 करोड़ से अधिक बार देखा गया, जिससे उपभोक्ता रिसर्च में इस प्लेटफॉर्म की महत्ता स्पष्ट होती है।
डिजिटल खोज से प्रीमियम में बढ़ोतरी
रिपोर्ट में पाया गया कि डिजिटल माध्यम से प्रभावित बीमा खरीदारी के प्रीमियम पारंपरिक बिक्री चैनलों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत अधिक हैं। साथ ही, 78 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन ही अपनी पसंद को केवल दो या तीन बीमा कंपनियों तक सीमित कर लेते हैं, उसके बाद ही सलाहकार से संपर्क करते हैं।
डिजिटल और मानव सलाह का मेल जरूरी
रिपोर्ट के अनुसार, बीमा कंपनियों के लिए सबसे बड़ा अवसर डिजिटल खोज और मानव सलाह को प्रभावी ढंग से जोड़ने में है, क्योंकि उपभोक्ता निर्णय में डिजिटल रिसर्च की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
यह निष्कर्ष गूगल और मैकिन्से एंड कंपनी के संयुक्त शोध पर आधारित हैं।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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