बेंगलुरु, 10 अक्टूबर। मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई), बेंगलुरु कैंपस ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता, समय पर पहचान और कल्याण पर खुली बातचीत को बढ़ावा देने के लिए मार्गा माइंड केयर के सहयोग से 5 किलोमीटर वॉकथॉन का आयोजन किया।
“वॉक फॉर हेल्थ: स्टेप्स टुवर्ड्स बेटर मेंटल हेल्थ” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में छात्र, संकाय सदस्य, स्टाफ, स्वास्थ्यकर्मी, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, स्वयंसेवक और समुदाय के लोग शामिल हुए। आयोजकों ने समय पर सहायता और तनाव प्रबंधन में शारीरिक गतिविधि की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
जल्दी हस्तक्षेप पर जोर
यह वॉकथॉन एमएएचई बेंगलुरु की व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कैंपस और समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता को बढ़ाना है। 2026 में बेंगलुरु के उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों पर हुई एक स्टडी में संस्थागत सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया गया, जिसमें काउंसलिंग डेटा ने चिंता, पारिवारिक संघर्ष और शैक्षणिक तनाव को मुख्य मुद्दे के रूप में पहचाना। आयोजकों ने कहा कि ये निष्कर्ष समय पर पहचान और उचित देखभाल के लिए एक जुड़े हुए इकोसिस्टम की आवश्यकता को मजबूत करते हैं।
स्थानीय नेताओं ने किया उद्घाटन
येलहंका विधानसभा क्षेत्र के विधायक एस. आर. विश्वनाथ ने वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर डॉ. राघवेंद्र प्रभु पी., अतिरिक्त रजिस्ट्रार, एमएएचई बेंगलुरु; डॉ. ज्योति नीरजा, चेयरवुमन, मार्गा माइंड केयर; महादेव, कार्यकारी अभियंता, लेक डिवीजन, बीएनसीसी, येलहंका; और चंदू सी एन, अध्यक्ष, येलहंका यूनाइटेड एनवायरनमेंटल एसोसिएशन भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने दिन की शुरुआत वार्म-अप सत्र से की और फिर अल्लालसंद्रा झील के चारों ओर वॉक की।
खुली बातचीत पर जोर
विधायक एस. आर. विश्वनाथ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व मिलना चाहिए और एमएएचई बेंगलुरु वॉकथॉन जैसी पहलें स्वस्थ आदतों को प्रोत्साहित करने और मानसिक कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करती हैं। डॉ. राघवेंद्र प्रभु, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, एमएएचई बेंगलुरु ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण छात्र और कैंपस अनुभव का अहम हिस्सा है, और यह पहल छात्रों, स्वास्थ्य साझेदारों और समुदाय के साथ जुड़ाव के माध्यम से समझ और सहयोग को बढ़ाने का प्रयास है।
डॉ. ज्योति नीरजा, संस्थापक, चेयरवुमन और प्रबंध निदेशक, मार्गा माइंड केयर ने कहा कि बेंगलुरु ने स्वास्थ्य, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में मजबूत इकोसिस्टम बनाया है, और मानसिक स्वास्थ्य को भी इस प्रगति का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मार्गा माइंड केयर बेंगलुरु में देखभाल की निरंतरता को मजबूत करने के लिए शुरुआती पहचान से लेकर उपचार और पुनर्वास तक काम कर रहा है।
साझेदार संगठन और पृष्ठभूमि
वॉकथॉन का आयोजन एमएएचई बेंगलुरु ने मार्गा माइंड केयर के सहयोग से किया, जिसमें वॉलंटियर सर्विसेज ऑर्गनाइजेशन, नेशनल सर्विस स्कीम, नेशनल कैडेट कोर और मणिपाल हॉस्पिटल्स का समर्थन रहा।
एमएएचई एक इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी है, जो मणिपाल, मंगलुरु, बेंगलुरु, जमशेदपुर और दुबई कैंपस पर 400 से अधिक स्पेशलाइजेशन प्रदान करता है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 में एमएएचई को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान मिला।
मार्गा माइंड केयर, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है और जिसका नेतृत्व डॉ. ज्योति नीरजा और डॉ. अभिषेक हरिहरन कंडलुरी कर रहे हैं, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है और 2030 तक अपने 40-बेड सेंटर से बढ़ाकर 25 सेंटर और 1,750 से अधिक बेड तक विस्तार की योजना बना रहा है। मार्गा माइंड केयर यू.एस. एंबेसी (साउथ इंडिया) के साथ सूचीबद्ध है और पूरे भारत में कनाडाई एंबेसी का पार्टनर है।
— कारोबार समाचार ब्यूरो
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