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Protein खा रहे हैं, लेकिन फायदा नहीं मिल रहा? ये 7 गलतियां आपकी मेहनत पर फेर सकती हैं पानी

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जिम जाने वालों से लेकर वजन घटाने वालों तक, लाखों लोग कर रहे हैं एक जैसी गलती

Karobar Samachar Health Desk

पिछले कुछ वर्षों में भारत में हाई-प्रोटीन डाइट का चलन तेजी से बढ़ा है। जिम जाने वाले हों, वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोग हों या फिर फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करने वाले युवा—हर कोई अपनी प्लेट में प्रोटीन बढ़ाने की बात कर रहा है।

लेकिन क्या सिर्फ ज्यादा प्रोटीन खाना ही स्वस्थ शरीर की गारंटी है?

पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोटीन जितना जरूरी है, उसे सही तरीके से लेना उससे भी ज्यादा जरूरी है। कई लोग अच्छी नीयत से प्रोटीन तो बढ़ा देते हैं, लेकिन कुछ सामान्य गलतियों की वजह से उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। कई बार पाचन संबंधी समस्याएं, कब्ज, गैस, थकान और यहां तक कि वजन कम न होने की शिकायत भी इसी कारण सामने आती है।


आखिर प्रोटीन इतना जरूरी क्यों है?

प्रोटीन शरीर की हर कोशिका का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह—

  • मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है।
  • त्वचा, बाल और नाखूनों को मजबूत बनाता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर रखता है।
  • हार्मोन और एंजाइम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों को कमजोर होने से बचाने में मदद करता है।

यानी शरीर के लिए प्रोटीन किसी “लक्जरी” नहीं बल्कि एक बुनियादी जरूरत है।


गलती नंबर 1: सिर्फ प्रोटीन की मात्रा पर ध्यान देना

आजकल बाजार में “High Protein” लिखे हुए बिस्कुट, चिप्स, आइसक्रीम, कॉफी और कई तरह के स्नैक्स उपलब्ध हैं।

लेकिन केवल पैकेट पर “High Protein” लिखा होने का मतलब यह नहीं कि वह स्वास्थ्यवर्धक भी है।

कई ऐसे उत्पादों में अधिक मात्रा में चीनी, नमक, सैचुरेटेड फैट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड सामग्री भी होती है। इसलिए केवल प्रोटीन की मात्रा नहीं बल्कि पूरे पोषण प्रोफाइल को देखना जरूरी है।


गलती नंबर 2: दिनभर का सारा प्रोटीन रात के खाने में लेना

भारत में अधिकांश लोग सुबह हल्का नाश्ता करते हैं और रात में भरपेट भोजन करते हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि शरीर को दिनभर अलग-अलग समय पर प्रोटीन मिलना अधिक लाभकारी होता है। यदि पूरा प्रोटीन सिर्फ रात में लिया जाए तो उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता।


गलती नंबर 3: सिर्फ प्रोटीन शेक पर निर्भर रहना

बहुत से लोग सोचते हैं कि दिन में दो प्रोटीन शेक पी लेने से उनकी जरूरत पूरी हो जाएगी।

असलियत यह है कि प्राकृतिक खाद्य पदार्थ जैसे—

  • दाल
  • दूध
  • दही
  • पनीर
  • अंडा
  • मछली
  • चिकन
  • सोयाबीन
  • राजमा
  • छोले

न केवल प्रोटीन देते हैं बल्कि विटामिन, मिनरल और फाइबर भी उपलब्ध कराते हैं।

यदि डॉक्टर या डाइटीशियन सलाह न दें तो सप्लीमेंट्स को भोजन का विकल्प नहीं बनाना चाहिए।


गलती नंबर 4: पानी कम पीना

हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले कई लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते।

इससे हो सकती हैं—

  • कब्ज
  • गैस
  • पेट फूलना
  • थकान
  • डिहाइड्रेशन

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रोटीन बढ़ाने के साथ-साथ पानी की मात्रा भी बढ़ानी चाहिए।


गलती नंबर 5: फाइबर को भूल जाना

यदि आपकी प्लेट में सिर्फ चिकन, अंडे या पनीर है लेकिन सलाद, फल और सब्जियां नहीं हैं, तो समस्या हो सकती है।

फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पर्याप्त फाइबर न लेने से कब्ज और पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।


गलती नंबर 6: जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाना

सोशल मीडिया पर कई लोग 150 से 200 ग्राम प्रोटीन रोज लेने की सलाह देते हैं।

लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।

यह निर्भर करता है—

  • उम्र
  • वजन
  • शारीरिक गतिविधि
  • बीमारी
  • फिटनेस लक्ष्य

अधिकांश सामान्य लोगों को बॉडी बिल्डर जितना प्रोटीन लेने की जरूरत नहीं होती। जरूरत से अधिक प्रोटीन लेने से अतिरिक्त कैलोरी भी बढ़ सकती है।


गलती नंबर 7: सिर्फ प्रोटीन पर ध्यान देना

फिटनेस केवल प्रोटीन से नहीं बनती।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं—

  • पर्याप्त नींद
  • नियमित व्यायाम
  • संतुलित भोजन
  • फल और सब्जियां
  • तनाव नियंत्रण

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्रोटीन बढ़ा देने से स्वास्थ्य अपने आप बेहतर नहीं हो जाता। संतुलित जीवनशैली सबसे महत्वपूर्ण है।


भारतीय थाली में प्रोटीन कैसे बढ़ाएं?

महंगे सप्लीमेंट्स खरीदना जरूरी नहीं।

रोजमर्रा के भारतीय भोजन से भी अच्छी मात्रा में प्रोटीन मिल सकता है।

शाकाहारी विकल्प

  • मूंग दाल
  • उड़द दाल
  • मसूर
  • चना
  • राजमा
  • सोयाबीन
  • टोफू
  • पनीर
  • दही
  • दूध

मांसाहारी विकल्प

  • अंडे
  • चिकन
  • मछली
  • कम वसा वाला मांस

किन लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार इन लोगों को पर्याप्त प्रोटीन पर खास ध्यान देना चाहिए—

  • 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग
  • नियमित व्यायाम करने वाले
  • खिलाड़ी
  • बीमारी या सर्जरी से उबर रहे मरीज
  • गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं (डॉक्टर की सलाह अनुसार)

क्या हर किसी को प्रोटीन पाउडर लेना चाहिए?

इसका सीधा जवाब है—नहीं।

यदि आपकी रोजमर्रा की डाइट संतुलित है और पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, तो अधिकांश लोगों को प्रोटीन पाउडर की आवश्यकता नहीं होती।

किसी भी सप्लीमेंट का उपयोग डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह से ही करना चाहिए।


Karobar Samachar Health Tip

याद रखिए—

ज्यादा प्रोटीन हमेशा बेहतर नहीं होता। सही मात्रा, सही समय और संतुलित भोजन ही असली फिटनेस की कुंजी है। यदि आप प्रोटीन बढ़ा रहे हैं तो साथ में पानी, फाइबर, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाइए। तभी शरीर को उसका पूरा लाभ मिलेगा।

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